चंद उधार सांसे__

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गुमनाम सी खुशियाँ
दस्तक दे जाती है कभी कभी..
हौले हौले से
दरवाजे पे आकर ठिठक सी जाती है …
ना जाने क्या सोच कर
पल भर वही ठहर .वापिस लौट जाती है ….

शायद वक़्त नहीं है उसके पास
या
नहीं हूँ इस क़ाबिल कि
वो मेरे दामन में को छू सके
शायद जगह ही नहीं मुझमें
कि खुशी सिमट जाए
ग़मों के शामियाने जो लगे रहते है हर पल
मुझमें शायद ख़ुशी के लिए कोई जगह बची ही नहीं ..

उसकी हल्की सी आहट
दूर से ही पहचान लेती हूँ मैं ..
मुस्कुराकर मिलती हूँ ….
बेताब रहती हूँ की लगा लूँ गले ..
फ़िर जाने ना दूँ कहीं ….
बस वो एकटक निहार कर मुझे ..
मायूस सी ओझल हो जाती है फ़िर कहीं…

चुपचाप सी मेरी मासूम ख़ुशी
मुझसे मिलने चली आती हैँ …
हल्की सी आहट लिए…ख़ामोश सी
मुझसे मिल भी नहीं पाती …आकर वो
क्यूँ उलटे पाँव …लौट जाती हैँ यूँही ..

एक आस देकर चंद सांसे उधार दे जाती हैँ ..
मेरी गुमनाम सी खुशियाँ
दस्तक दे जाती हैँ कभी कभी …

#डेज़ी बेदी जुनेजापरिचय-

नाम………डेज़ी बेदी जूनेजा 
जन्मतिथि……1मई 
पता…….मोहाली (चंडीगढ़ )

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matruadmin

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।