रिश्ता

krishn

पूज्य पिता जी की बाहों में,
जीने का किरदार छिपा हैll

ममतामई माँ के *रिश्ते* में,
अमर प्रेम संसार छिपा हैll

बहिना के राखी धागों में,
पूजा पुण्य प्रणाम छिपा हैll

नमन वंदना करके देखो,
सच में चारों धाम छिपा हैll

पिता-पुत्र के *रिश्ते* में,
साहस त्याग निदान छिपा हैll

माता पुत्री के *रिश्ते* में,
प्रबल प्रेम प्रधान छिपा हैll

पति-पत्नी के भी *रिश्ते* में,
दोनों दिल की चाह छिपी हैll

दादा-दादी के *रिश्ते* में,
दर्द दुआ परवाह छिपी हैll

भाई-भाई में,बहिन-बहिन में,
जीवनभर का प्यार छिपा हैll

नाना-नानी में, मौसा-मौसी,
अति उत्तम उद्गार छिपा है॥

*रिश्ते* सभी सलामत रखना,
*रिश्तों* में परिवार छिपा हैll

*रिश्ते* में आदर अभिनंदन,
मंगल मंगलचार छिपा हैll

कहीं टूट न जाये *रिश्ते* ,
जीवन का आधार छिपा हैll

गंगा-जमुना, मथुरा-काशी,
पावन हरि का द्वार छिपा हैll

*कवि कृष्ण कुमार सैनी”राज”

दौसा,राजस्थान 

matruadmin

Next Post

भाषा नीति: ढुलमुल छोड़ मजबूती से आगे बढ़ने की बेला

Mon Jul 1 , 2019
भाषा जीव के मानव बनने की दिशा में प्रथम कदम कहा जा सकता है। आरंभ में संकेतों की भाषा रही होगी जो कालांतर में शब्द संवाद में परिवर्तित हुई। हर परिस्थिति परिवेश एक दूसरे से अपरिचित और भिन्न था इसलिए हर मानव समूह ने अपने ढ़ंग से कुछ शब्द संकेत […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।