कवि डॉ विष्णु सक्सेना ने किया चित्र शृंखला का लोकार्पण

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इंदौर।
हिंदी भाषा के प्रति  जागरूकता एवं मातृभाषा उन्नयन संस्थान के हिंदी हस्ताक्षर व हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने हेतु जनजागृति पर केंद्रित चित्र शृंखला का लोकार्पण रविवार को देश के सुप्रसिद्ध कवि एवं गीतकार डॉ विष्णु सक्सेना ने किया। इस अवसर पर श्री सक्सेना जी ने हिंदी भाषा को रोजगार से जोड़ने की बात भी की एवं हिन्दीग्राम द्वारा संचालित आंदोलन की प्रशंसा भी की।
चित्र शृंखला के लोकार्पण के दौरान ही मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक् डॉ अर्पण जैन ‘अविचल’ द्वारा डॉ सक्सेना जी को भी आंदोलन के बारे में विस्तार से बताया एवं डॉ सक्सेना जी ने भी अभियान की प्रशंसा करते हुए हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने की बात का पूर्ण समर्थन किया।
डॉ सक्सेना जी ने मंचों से भी लोगों को हिंदी में हस्ताक्षर करने एवं हिंदी का सम्मान करने का जनमानस से आग्रह करने की बात कहीं।
चित्र शृंखला के विमोचन एवं डॉ विष्णु सक्सेना जी से भेंट के संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ अर्पण जैन ‘अविचल’ एवं राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य मृदुल जोशी भी इस दौरान मौजूद रहें।
शृंखला के लोकार्पण पर मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ नीना जोशी, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य शिखा जैन, प्रदेश अध्यक्ष कमलेश कमल, प्रदेश महासचिव प्रिंस बैरागी आदि हिंदीयोद्धाओं ने बधाई प्रेषित की।

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संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।