कवि की कल्पना

mosami parihar
कवि की ..
कल्पना में ,
कल रात
कुम्हलाई सी
कोई कली ,
कुसमुसाई थी..!
काली रात,
काली आँखें,
काजल से भरी,
कल्पना कर रही थी
किसी से मिलन का,
काया गोरी,
कमल सी गुलाबी, देह
कोमल ह्रदय में
कवि के लिये, उपजा प्रेम
काले बादल
कहीं खो
कर भी बरस रहे थे,
कली,खिल रही थी
कवि के ..
कोमल प्रेम जल से
किंचित भी ,
कम न था…
 कवि की
कल्पना का यह अदभुत प्रेम….!!
#डॉ मौसमी परिहार 
 
परिचय-
 
नाम- डॉ मौसमी परिहार
पति का नाम- श्री बिपिन परिहार
पता -भोपाल(मध्यप्रदेश)
 
 जन्म स्थान-जबलपुर (मप्र )भारत
 शिक्षा- एम. ए,एम एम. फिल-हिंदी 
    साहित्य,पी .एच. डी-हिंदी साहित्य
    बीएड, एम ए- शिक्षा शास्त्र
 
 व्यवसाय-नही
किसी भी क्षेत्र में उपलब्धियों का विवरण-
 1.पी .एच.डी-की उपाधि 
 2 .साहित्यिक संस्थानों की कार्यशाला 
     काव्य पाठ,  संगोष्ठी , एवं विभिन्न 
      गतिविधियों,में  सहभागिता।
3.विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में कविताये     
   प्रकाशित।
4.आकाशवाणी जबलपुर के कार्यक्रम
     में  युववाणी की प्रस्तुति कार्य     
     (कम्पेयर)
5.दूरदर्शनभोपाल-कृषिदर्शन की    
    प्रस्तुति (2008 में)
6.दूरदर्शन भोपाल – जनमंच कार्यक्र्म 
   में सहभागिता श्रोता के रूप में
7.साहित्य अकादमी भोपाल के कार्यक्र्म  ” निरंतर सृजन संवाद “में संचालन ।
8 “हिंदी लेखिका संघ मप्र “में सदस्य के रूप में हिंदी के प्रचार प्रसार में  रचनात्मक कार्य ।
9.  रबीन्द्र नाथ टैगोर विश्वविद्यालय में सहायक प्रा.( हिंदी )
 
10- किसी संस्था के पदाधिकारी है तो विवरण दें ।
1— विश्वगुरु सेवा संस्थान ( ngo )में 
        महासचिव
 
रचनाकार निम्न विवरण भी दे
 
1-प्रकाशित रचनाओं की संख्या–10 
2- प्रकाशित पुस्तकों की संख्या /01 विधा-कविताएँ
 नाम-लफ्जों में सिमटी यादें..
 
3- प्राप्त सम्मान की संख्या यदि 10 से अधिक हैं तो 10 का विवरण दें-
 
1- वुमन्स सम्मान 2018
2- अटल नारी सागर सम्मान 2018
 
4 – काव्य पाठ का विवरण ( आकाशवाणी / दूरदर्शन / 
मंच पर काव्य पाठ का विवरण दें —
1.हिंदी लेखिका संघ –
2.प्रभात साहित्य संस्थान .
. के मंच पर काव्य पाठ
 
5-क्या काव्य पाठ के इच्छुक हैं – हाँ / ना /
…”नही “

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।