
आज के इस युग में हिन्दी का सोशल मीडिया प्रचार में अहम योगदान है,आज सोशल मीडिया के सहारे हिंदी का बहुमुखी विकास हो रहा है. सोशल मीडिया आज आदमी को पूरी दुनिया से जोड़ते हैं, तो यह हिन्दी भाषा के माध्यम से ही संभव है. देसी ही नहीं, विदेशी चैनलों पर भी हिन्दी अपने सामथ्र्य को व्यक्त कर रही हैं. यह सोशल मीडिया की जनभाषा का रूप धारण कर अपनी व्यापकता प्रदर्शित कर रही है. पौराणिक, ऐतिहासिक, पारिवारिक, जासूसी, वैज्ञानिक और हास्य-व्यंग्य विभिन्न प्रकार के धारावाहिकों की भाषा बिल्कुल सरल और व्यावहारिक होने के कारण सहज जन-स्वीकृत हो रही है. सोशल मीडिया हिन्दी को सरल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. हिन्दी विज्ञापनों का आधिपत्य बढ़ता जा रहा है. भारत में सबसे बड़ा उपभोक्ता वर्ग मध्यम और कमजोर तबके का है, जिसकी भाषा हिन्दी है. रेडियो का भी हिन्दी के प्रचार-प्रसार में योगदान रहा, लेकिन टेलीविजन के मुकाबले कुछ कम रहा. फिल्मों से हिन्दी को विश्वस्तरीय पहचान मिली है. हिन्दी भाषा ऑस्कर तक पहुंची. मोबाइल और कंप्यूटर में भी हिन्दी विकल्प भी इस भाषा को समृद्ध और पुष्ट बना रही है. इसी प्रकार वेबसाइट और इंटरनेट की सुविधा ने ई-संस्करण तथा पूर्णत: ऑनलाइन पत्र-पत्रिकाएं उपलब्ध कराके हिन्दी को विस्तारशील बना दिया है. आज सोशल मीडिया के चलते ही विश्व के कोई कोने में बैठा इंसान हिन्दी से रूबरू हो सकता है. हिन्दी दुनिया में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषाओं में शामिल है।
अजीत सिंह प्रजापति
अटेली (हरियाणा)
Tue May 28 , 2019
किसी के लिए दिन है किसी के लिए रात है सबका अपना भाग्य या कर्मों की बिसात है जैसा जैसा कर्म किया वैसी वैसी बरसात है न पछताने से कुछ होगा न खुश होने की बात है जिसके लिए दिन चल रहा उसकी होनी सांझ है जिसके लिए रात अंधेरी […]