शुभकामनाएं

babulal sharma

करूँ  सदा  शुभ कामना, उन्नत  होवे  देश।
भूमण्डल सरनाम हो,उज्ज्वल हो परिवेश।।
💫
देश  वासियों   के  लिये, नये  साल   संदेश।
जनता को शुभकामना,खुशियाँ सभी प्रदेश।।
💫
सामाजिक  परिवेश में, मानव  मान समाज।
सबके हित शुभकामना,नये साल की आज।।
💫
नारी को शुभकामना, मैं  देता  करजोर।
शक्ति देश की ये बने, बढ़े  उन्नति  ओर।।
💫
राजनीति ऐसी करो, जो  होवे  निष्पाप।
नेताओं शुभकामना, देश  सँवारो  आप।।
💫
छात्र   सभी  अच्छेे  पढ़े, ऊँचा कर दे नाम।
उज्ज्वल भावि के लिए,शुभाशीष शुभकाम।।
💫
ऐसी है  शुभकामना, मानवता  हित मान।
दीन हीन दिव्यांग का, करें भला  सम्मान।।
💫
सैनिक को शुभकामना,शहादत जय जवान।
अनदाता दुख दूर हो, जय हम कहे किसान।।
💫
लेखक जो साहित्य के,गुरुजन सभी सँभार।
है उनको शुभकामना, जिन पर गुरुतर भार।।
💫
मात पिता के स्वप्न सब,करने हैं साकार।
दें उनको शुभकामना, ऊँचे रखो विचार।।
💫
मजदूरों हित में रहे,नीति नियम सरकार।
सच्ची है शुभकामना, वे असली पतवार।।
💫
हिन्दी हित शुभकामना,शुभ हो हिन्दुस्तान।
उत्तम साहित साधना, साध भले  अरमान।।
💫
रीत  प्रीत  सद्भावना, रहे  सभी  इंसान।
प्यारी सी  शुभकामना ,नेह नीति ईमान।।
💫
बिटिया सबको हो प्रिये,रहे मान अरमान।
मेरी  है   शुभ कामना, बेटी  बने   महान।।
💫
उन सबको शुभकामना,रहा जिन्हे मैं भूल।
शर्मा  बाबू लाल  की, करना  दुआ  कबूल।।

नाम– बाबू लाल शर्मा 
साहित्यिक उपनाम- बौहरा
जन्म स्थान – सिकन्दरा, दौसा(राज.)
वर्तमान पता- सिकन्दरा, दौसा (राज.)
राज्य- राजस्थान
शिक्षा-M.A, B.ED.
कार्यक्षेत्र- व.अध्यापक,राजकीय सेवा
सामाजिक क्षेत्र- बेटी बचाओ ..बेटी पढाओ अभियान,सामाजिक सुधार
लेखन विधा -कविता, कहानी,उपन्यास,दोहे
सम्मान-शिक्षा एवं साक्षरता के क्षेत्र मे पुरस्कृत
अन्य उपलब्धियाँ- स्वैच्छिक.. बेटी बचाओ.. बेटी पढाओ अभियान
लेखन का उद्देश्य-विद्यार्थी-बेटियों के हितार्थ,हिन्दी सेवा एवं स्वान्तः सुखायः

matruadmin

Next Post

समुद्र की लहरें

Sun Jan 20 , 2019
लहरें थी समुद्र की बहुत विशाल न झूका वह उनके आगे खड़ा रहा तान कर सीना चाहा, लहरों से जीतना देख मनु की इस अदा को समुद्र मंद-मंद मुस्काया कहा कान में लेहरो की उसने और हुई पहले से अधिक विकराल अब डगमगाया मनु उससे खुद को उस तीव्रता से […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।