“माधव तुम्हें आना होगा”

kumari priyanka
हे माधव!तुमसा कोई कहाँ,
हे माधव!तुम बिन जाऊं कहाँ।
तुम जग के पालनकर्त्ता,
कष्ट निवारक और विघ्नहर्ता।
तुमने इस दुनिया को बनाया,
सबको यहां जीना सिखलाया।
रिश्ते-नाते तुमने बनाया,
उन्हें निभाना भी सिखलाया।
सब अपने हैं!इस दुनिया में,
ये बातें तुमने समझायी।
तुमने पुत्र का धर्म निभाया,
अपनी माँ को मुक्त कराया,
पिता को उनका हक दिलवाया,
उनकी हंसी को वापस लाया।
पापी कंस को मार के तुमने,
इस दुनिया से पाप मिटाया।
राधा को अपनी प्रेयसी बनाकर,
सबको तुमने प्यार सिखाया।
सुदामा को अपने गले लगाकर,
जग को अपनी!दोस्ती दिखलाया।
तुमने द्रोपदी की लाज की बचायी,
सारथी बन अर्जुन की!रथ भी चलायी।
पाप मिटाने को!जग से तुमने,
महायुद्ध महाभारत रचवायी।
तुम हो सबके भाग्य विधाता,
दुखियों के दुःख हरलो दाता।
आज तुम्हें फिर आना होगा,
जग से पाप मिटाना होगा।
सबको एक बनाना होगा,
सबमें प्यार जगाना होगा।
ऐसा नहीं!हुआ तो माधव,
मानव पशु बन जाएंगे,
एक दूजे का!संघार करेंगे,
और नर भक्षी कहलायेंगे,
दुर्व्यवहार और व्यभिचार का,
सब मिल डंका बजायेंगे,
और मुझे तो!लगता है माधव,
की दुनिया भी मिट जाएगी।
तेरी इस दुनिया के प्राणी,
मिट्टी में मिल जाएंगे।
अगर बचानी है इस जग को,
आज तुम्हें फिर आना होगा,
अपने सुदर्शन चक्र से तुमको,
जग पाप मिटाना होगा,
माधव-माधव!माधव-माधव,
आज तुम्हें फिर आना होगा।
             # ” कुमारी प्रियंका”

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Mon Jun 18 , 2018
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संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।