दिखता नहीं
भीड़ में कोई शत्रु
खाली हो पेट
विपत्ती आयी
घर बदले मित्र
सूखी अपेक्षा
भंवरें जुड़े
दलबल सहित
सन्नाटा चिरा
बिना उजाले
अंधियारा प्रबल
कायम आशा
गर्म शीतल
प्रकृति का स्वभाव
पवन कहे
चौखट गिरी
घर -घर की रीत
दीवार उंठी
लौटेगा वह
समझ आने पर
अपेक्षा इन्हें
#सिंघई सुभाष जैन
परिचय :
नाम – सिंघई सुभाष जैन
जन्म तिथि 9 दिसम्बर 1956
जन्म स्थान – नरसिंहपुर के दूर – सुदूर गांव
बिलेहरा ( नादिया)
सम्प्रति – बैंक ऑफ़ बड़ौदा से विशेष सहायक पद से सेवानिवृत
उपलब्धि – कादम्बिनी एवं स्वेदश द्वारा कहानी के लिये
दो दशक पूर्व पुरस्कृत
लेखन – कहानी , लघुकथा , हाइकू एवं कवितायें ।
प्रमुख पत्र – पत्रिकाओं में रचना प्रकाशित एव
आकाशवाणी से रचनायें प्रसारित
सम्पर्क। इन्दौर(मध्यप्रदेश)
Fri Jan 18 , 2019
चल कीर्तन कर ले “धरतीपुत्र” अब लोकसभा की बारी आयी आधी रात के काले कागों ने जब नेताओं की कूदा फ़ांदी गायी अपने कुछ मुद्दो को लेकर नेता उछल कूद कर जायेंगे इस दल से उस दल तक वे दलदल का गंध गिरायेंगे दलबदलू की परिभाषा में न जाने कितने […]