
1.
हमारी सुनो
सोच समझकर
अपनी कहो
2.
सबकी सुनो
आत्ममंथन करो
मन की करो
3.
मीठा होता है
मेहनत का फल
दुःखों का हल
4.
राहें पड़ी हैं
चुनकर चलना
कहाँ जाना है?
5.
लक्ष्य की धुन
अपनी जिंदगी में
सोच के चुन
परिचय:-
अशोक कुमार ढोरिया
मुबारिकपुर(हरियाणा)
Sat Dec 8 , 2018
सत्ता-साम्राज्य से तंग जरूरत की बातें उलझनों में है भाईचारे की बातें। वादे-इरादे भूल गए याद रही बस अपनी-अपनी सौगात की बातें। मर्जी है न अर्जी है न खुशखबरी है याद है बस बदला लेने की बातें। मुक्कदर लड़ता नही रोजगार मिलता नहीं चौक चौराहो पर सिर्फ आरक्षण की बातें। […]