1. घर की शान पहचाने बिटिया मान मर्यादा 2. अमूल्य धन दो घरों का चिराग शिक्षित बेटी 3. बेघर हुए नदी किनारे बसे गरीब लोग 4. बर्फ का घर हिमालय पर्वत भारत ताज 5. बेघर किए सुनामी लहरों ने हज़ारों लोग 6. खुला आकाश गरीबी मजबूरी घर अपना 7. फूस […]

माँगा सुख था मिला दुख मुझे, जग में ऐसी बदहाली है | जिन्दगी भर कमाया मगर, हाथ दोनों ही खाली है || तुझको दुख है, दुखी मै भी हूँ; दोनों आँखों में आँसू भरें | दामन फैलाये दर पर खड़े; सारे धन के सवाली हैं ||.. मेरा मन आशाओं की […]

खंजर दिल में लेें चलें ,घूम रहा बेबात | कब मारे किसको पता,”माही” मानव तात ||१|| दिल में कितना दर्द है, नाप सके जो कोय | खुद भी एकाकार जो,मानव ऐसा होय ||२|| बेचारी की बेबसी,तनिक ठहरकर झाँक | बुरी नजर से क्यों रहा,दुर्नर उसको ताक ||३|| मनु तेरी यहाँ सद्गति,तब […]

श्रद्धाजंलि गढ़चिरौली में शहीद हुए सभी पोलिस के जवानों को नक्सलियों के हमलें में जो शहीद हुये ईश्वर उनकी आत्मा को शान्ती प्रदान करें प्रस्तुत है मेरी यह कविता की  कायर नहीं हूँ माँ मैं बदला लेने आऊँगा अमर जवान हूँ मरता नहीं ये बतलाऊँगा घात लगा मारा कायर ने […]

आज विज्ञान थल से आसमान छाया हुआ बेकार नहीं वैज्ञानिक तरीके सार्थक सोच आज इंसान ज्ञान बना विज्ञान वैज्ञानिक है आज विज्ञान अभिशाप भी बना वरदान भी परिचय:- अशोक कुमार ढोरिया मुबारिकपुर(हरियाणा) Post Views: 42

वंदन है माँ भारती,रज चरणन की आस | दूर कभी करना नहीं, नित ही रहना पास ||१|| जग जंगल हिंसक यहाँ,नखधारी सब ओर| रक्छा करना मात तुम,तन-मन-धन सब कोर ||२|| मनसा वाचा कर्मणा,दिल दुखे नही और| मै तो नित पलता रहूँ ,चरणन शीतल ठौर ||३|| नाच उठी सारी धरा,तू जब […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।