रविवार को दिल्ली में उमड़ेगा राम भक्तो का जनसैलाब : डॉ सुरेंद्र जैन

vinod bansal

नई दिल्ली |

 विश्व हिन्दू परिषद द्वारा आगामी 9 दिसंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली विराट धर्मसभा को लेकर व्यापक तैयारियां जारी है। इस संदर्भ में आज एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए विहिप के संयुक्त महामंत्री डॉ सुरेंद्र जैन ने कहा कि दिल्ली में लगभग 150 स्थानों पर अलग-अलग सभाओं, बैठकों, प्रभात फेरियो, संध्या संकीर्तनों तथा मोटर वाहन रैलियों इत्यादि के माध्यम से व्यापक रूप से जनजागरण किया जा रहा है। अब पूज्य संतो के आह्वाहन पर दिल्ली व एन सीआर के कार्यकर्ता घर घर जाकर अक्षत व रोली युक्त “संकल्प पुष्प” का लिफाफा लेकर धर्म सभा के लिये निमंत्रण देने निकल रहे हैं।

इस अवसर पर प्रसिद्ध लेखक व विचारक श्री नरेन्द्र सहगल द्वारा श्री राम जन्मभूमि पर लिखित एक पुस्तक “मंदिर भव्य बनाएंगे” का विमोचन भी किया गया. इसे सुरुचि प्रकाशन ने प्रकाशित किया है.

डा सुरेन्द्र जैन ने कहा कि पूज्य संतों द्वारा गत 5 अक्टूबर की संत उच्चाधिकार समिति की बैठक में घोषित चार में से दो चरणों का कार्य पूर्ण हो चुका है. जिसमें राष्ट्रपति से मिलने की बाद देश के सभी राज्यपालों से मिलने का कार्य सामिल था। अब 500 संसदीय क्षेत्रों में बड़ी-बड़ी सभाओं के साथ सासदों से संपर्क का कार्य जारी है। जितने भी सांसदों से अभी तक हम मिले हैं, सभी ने कहा है कि जब कानून आएगा तो हम उसका समर्थ करना चाहेंगे. राम जन्म भूमि के सन्दर्भ में एक तूफ़ान सा देश में आ चुका है. अब राम का कोई विरोध कर सके, ऐसा संभव नहीं है। दिल्ली की धर्मसभा के उपरांत संसद में राम जन्मभूमि के सम्बन्ध में आने वाले कानून का भी कोई विरोध नहीं कर पाएगा।

मुम्बई में कल हुई धर्मसभा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सभा में युवाओं की 90% उपस्थिति ने उन लोगों के भी मुंह बंद कर दिए जो यह कहते थे कि जिन्होंने 1990 का आन्दोलन नहीं देखा वे कैसे इससे जुड़ेंगे?

जारी कर्ता 
विनोद बंसल

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।