धर्म अलग हो सकते है
किंतु इन्सान वही है
जो इन्सान को ही बाँट दें
वह ‘धर्म’ नहीं है,
कोई ‘नमाज’ पढ़े
कोई ‘यज्ञ ‘करे
‘हाथ ‘ वही है,
सर झुकाओ या घुमाओ
ब्रह्माण्ड वही है
धूप वही है,छांव वही है
‘पूजा’ करो या ‘इबादत’
इन्सान वही है,
चलकर देखो ….
दो कदम आगे
कदमों के ‘निशान’ वही है,
एक कदम तुम चलो
एक कदम हम चले
‘खुदा’ और ‘भगवान’ वही है,
तोड़ दे नफरत की दिवारें
सच्चा इन्सान वही है,
‘गीता’ यही है ‘कुरान’ यही है
सब ग्रन्थों का सार यही है
उठाकर देखो….
अपने कदमों की मिट्टी
अन्त मे ..
हर इन्सान की पहचान यही है
#धनराज वाणी
परिचय-
श्री धनराज वाणी ‘उच्च श्रेणी शिक्षक’ हाई स्कूल उबलड विकास खण्ड जोबट जिला अलिराजपुर में 30 वर्षो का सेवाकाल (मूल निवास जोबट)
जन्म स्थान जोबट(मध्यप्रदेश)
पत्नि का नाम -कविता वाणी (प्राचार्य )इनकी भी साहित्य में रुचि व महिला शसक्तीकरण के क्षेत्र में कार्य व आकाशवाणी मे काव्य पाठ किया
2.शिक्षा-एम.ए.बी.एड.(समाजशास्त्र)
3.रुचि-साहित्य व रचनाकार
विषय-वीरस,चिंतन,देशभक्ति के गीत व कविताओं की रचना
4.उपलब्धियां-आकाशवाणी इंदौर से 7 बार काव्य पाठ किया व स्थानीय,जिलास्तरीय व अखिल भारतीय मंचो से भी काव्यपाठ किया!
वर्तमान में अर्पण कला मंच जोबट मे साहित्य प्रकोष्ठ का प्रभार है.
5.बचपन से साहित्य के प्रति रुचि व हिन्दी के प्रति प्रेम
Sat Nov 24 , 2018
जो जल गतिशील रहता पवित्र उसे ही जानिए जो मनुष्य सद्कर्म करता देवता उसे ही मानिए बाल रूप मे राधा कृष्ण सतयुग मे ही आते सोलह कलाए धारण कर लक्ष्मी नारायण बन जाते कलियुग के कालेपन ने कृष्ण को भी बनाया सांवरा पतित से पावन बन जाने पर स्वर्ग बन […]