*नई उड़ान,नया आसमां*

0 0
Read Time2 Minute, 15 Second

babulal sharma
नई उड़ाने,नया आसमान,
सुधिजन रचनाकारों का।
सबके सब मिलकर कर देंगे,
युग को नव आकारों का।
.             💫💫
चाहे जितनी  बाधा आए,
कवि का धर्म निभाना है।
नई सोच अरु नई उड़ाने,
नव पथ भी दिखलाना है।
.            💫💫
मुक्त परिंदे बन के हम तो,
नित नया आसमां नापें।
नई उड़ान भरेंगें मिलकर,
बाधाओं  से क्या काँपें।
.             💫💫
निज नीड़ों को क्यों भूले हम,
भारत की संस्कृतियों   को।
पश्चिम की आँधी को रोकें
मिलकर सब विकृतियों को।
.              💫💫
हिन्दी के हित  नई उड़ाने,
देश,धरा मानवता की।
नया आसमां हम विचरेंगे,
कविता गाने सविता की।
.            💫💫
एक सौ आठ बहन बन्धु है,
भारत की शान  बढ़ाएँ।
मातृभाष हिन्दी के पोषक।
हिन्दी  का  मान  बढ़ाएँ।
.           💫💫
नई उड़ाने,नया आसमान,
सुधिजन सब उपकारी है।
भिन्न भिन्न प्रांतों के कविजन,
मिलकर एकाकारी है।
.            💫💫
प्रजातंत्र स्तंभ  सदा  ही,
देता  नव पहचाने  है।
ऐसा प्यारा नया आसमां,
अपनी नई उड़ाने है।
.           💫💫
प्रजातंत्र  का मान रखेंगें,
कविताई  दीवाने है।
आओ देखें नया आसमां,
अपनी  नई उड़ाने है।

नाम– बाबू लाल शर्मा 
साहित्यिक उपनाम- बौहरा
जन्म स्थान – सिकन्दरा, दौसा(राज.)
वर्तमान पता- सिकन्दरा, दौसा (राज.)
राज्य- राजस्थान
शिक्षा-M.A, B.ED.
कार्यक्षेत्र- व.अध्यापक,राजकीय सेवा
सामाजिक क्षेत्र- बेटी बचाओ ..बेटी पढाओ अभियान,सामाजिक सुधार
लेखन विधा -कविता, कहानी,उपन्यास,दोहे
सम्मान-शिक्षा एवं साक्षरता के क्षेत्र मे पुरस्कृत
अन्य उपलब्धियाँ- स्वैच्छिक.. बेटी बचाओ.. बेटी पढाओ अभियान
लेखन का उद्देश्य-विद्यार्थी-बेटियों के हितार्थ,हिन्दी सेवा एवं स्वान्तः सुखायः

matruadmin

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

कितना कुछ बदल सा रहा है

Thu Nov 1 , 2018
कितना कुछ बदल रहा है अब और न जाने आगे कितना कुछ और भी बदलेगा / संसार के सुख में और अपने सुख में बहुत कुछ अंतर होता है / संसार का सुख और दुःख तो प्रत्येक इंसान को भोगने को मिलता है यदि उसने इस संसार में मानव जन्म […]

पसंदीदा साहित्य

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।