
माँ
की *ममता* की बात अलग
पिता
के प्यार करने का अंदाज़ अलग
करते हैं
दोनों प्यार बच्चों से बहुत
मगर
दोनों की चाहत होती अलग अलग
माँ
ममता लुटाती बच्चों पे
नाज़ नख़रे सहती हज़ार
पिता
थोड़ा सख़्त रहते बच्चों से
दिल से प्यार करते बेशुमार
माँ
संस्कारों से पूरित करती बच्चों को
पिता
देते दुनियादारी का ज्ञान
माँ
माँ की ऊँगली पकड़ चलते हैं
पिता
के काँधे बैठ खेलते हैं
माँ
से हर बात मनवाते हैं
पिता की हर बात मानते हैं
माँ-पिता
का प्यार निराला
इनकी ममता की छांव तले
पलते हैं बच्चे
अदिति रूसिया
वारासिवनी

