*सरदार पटेल*

0 0
Read Time2 Minute, 3 Second

babulal sharma
.
.                  💫 *1* 💫
वल्लभ भाई  थे यहाँ, भारत के सरदार।
एकीकरणक  देश  के, बना दई सरकार।
बना  दई  सरकार, मिटा  देशी  रजवाड़े।
भारत  के  हर कोन, तिरंगे  झण्डे गाड़े।
कहे लाल कविराय,देश  से प्रीत निभाई।
भारत माँ का  पूत,सरदार वल्लभ भाई।
.                    💫 *2* 💫
आजादी  के  दौर  में, नेता   हुए  हजार।
वल्लभ ,नेहरु  जी  रहे, दोनो  दावे  दार।
दोनो दावे दार , देश हित दोनो  ही मानी।
नेहरु बने प्रधान ,साथ वल्लभ  से ज्ञानी।
गृह मंत्रालय देख,वतन की शान बढ़ादी।
किया देश अखण्ड,रखें सच्ची आजादी।
.                  💫 *3* 💫
देशी राज विलय किए,बना दिया नव देश।
वल्लभ  भाइ  पटेल जी ,ऐसे  थे  दर वेष।
ऐसे  थे  दरवेष, देश  हित  कारज  कीना।
उनका था  पैगाम ,देश  हित मरना जीना।
कहे लाल कविराय,करे नहीं होड़ विदेशी।
मिला लिए घर बार, बचे नहीं  राजा देशी।
.                   💫🙏💫

नाम– बाबू लाल शर्मा 
साहित्यिक उपनाम- बौहरा
जन्म स्थान – सिकन्दरा, दौसा(राज.)
वर्तमान पता- सिकन्दरा, दौसा (राज.)
राज्य- राजस्थान
शिक्षा-M.A, B.ED.
कार्यक्षेत्र- व.अध्यापक,राजकीय सेवा
सामाजिक क्षेत्र- बेटी बचाओ ..बेटी पढाओ अभियान,सामाजिक सुधार
लेखन विधा -कविता, कहानी,उपन्यास,दोहे
सम्मान-शिक्षा एवं साक्षरता के क्षेत्र मे पुरस्कृत
अन्य उपलब्धियाँ- स्वैच्छिक.. बेटी बचाओ.. बेटी पढाओ अभियान
लेखन का उद्देश्य-विद्यार्थी-बेटियों के हितार्थ,हिन्दी सेवा एवं स्वान्तः सुखायः

matruadmin

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

बुझे दीपक

Mon Oct 29 , 2018
बुझे दीपक से ज्योति माँगने कब कौन आता है निशा घनघोर है चहुँ ओर दिखाई कुछ नहीं देता पथिक किस मार्ग पर जाएँ सुझाई कुछ नहीं देता निराशा व्याप्त है उर में काल अश्रु बहाता है बुझे दीपक से ज्योति माँगने कब कौन आता है वंश-कुल, मान व संस्कार की […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।