सखि अब सावन बारह मास।
पर कहाँ?सावन सा हुलास। ।
नयन सरिता बह रही
रोके नहीं रुक रही
कटते नहीं निशि बासर
मन की अकुलाहट बढ रही
नजरें फिरती उदास ।
सखि……।
यह रिमझिम और फुहार
कुंजन की सुखद बयार
बिखरा कुसुमों का सौरभ
भ्रमरों का मधुर गुंजार।
फिर यह कैसा नि:श्वास ?
सखि….।
बढी चंचलता चितवन की
दृग छाई छवि प्रियतम की
सुने चिरपरिचित पदचाप
बढी आतुरता श्रवणन की
यह अनुपम आभास।
सखि अब सावन बारह मास।
#पुष्पा शर्मा
परिचय: श्रीमती पुष्पा शर्मा की जन्म तिथि-२४ जुलाई १९४५ एवं जन्म स्थान-कुचामन सिटी (जिला-नागौर,राजस्थान) है। आपका वर्तमान निवास राजस्थान के शहर-अजमेर में है। शिक्षा-एम.ए. और बी.एड. है। कार्यक्षेत्र में आप राजस्थान के शिक्षा विभाग से हिन्दी विषय पढ़ाने वाली सेवानिवृत व्याख्याता हैं। फिलहाल सामाजिक क्षेत्र-अन्ध विद्यालय सहित बधिर विद्यालय आदि से जुड़कर कार्यरत हैं। दोहे,मुक्त पद और सामान्य गद्य आप लिखती हैं। आपकी लेखनशीलता का उद्देश्य-स्वान्तः सुखाय है।
Sat Aug 4 , 2018
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