हर रचना जरूरी है

beena
चलने के लिये कदमों का
रूकना   भी   जरूरी   है
रूकना   जरूरी   है    तो
संभलना  भी  जरूरी   है||
गुलाब   जरूरी    है   तो
काँटे  भी    जरूरी     हैं
चहक  उठे   बगिया   तो
खिलना  भी  जरूरी  है||
ऊषा   जरूरी    है   तो
यामिनी  भी  जरूरी  है
फ़र्श   से     उठने   को
फ़लक  भी  जरूरी  है||
अंधियारा   गर   है   तो
दीपक  भी   जरूरी   है
सूर्य  आगमन  के  लिये
चन्द्रमा भी  जरूरी  है||
गीत    जरूरी    है     तो
गायन  भी    जरूरी   है
गायन  के   लिये    फ़िर
वाद्ययंत्र  भी  जरूरी हैं||
गर बेटा     है   जरूरी
तो बेटी  भी जरूरी  है
धरा के संतुलन के लिये
जीव-जंतु   जरूरी  है||
ब्रह्मा  ने   रचाय ये सृष्टि
इसको सजाना ही होगा
सूक्ष्म-बृहत इस सृष्टि की
*हर  रचना   जरूरी   है||*
बीना शर्मा झंकार
परिचय : बीना शर्मा `झंकार` का जन्म स्थान अलीगढ़ हैl आपकी शिक्षा एमए और बीएड हैl आप वर्तमान में सिरोही (राजस्थान) में रह रही हैंl 

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राधा......

Sat Jul 7 , 2018
राधा तुमको अब मै क्या बोलूं  । क्यों  मैं तुमरे आगे पीछे डोलूं। पता नही क्या समझे  दुनियां। सो मन के भेद कहाँ पर खोलूं। कान्हा तुम हो और हम है। फिरकिस दुनियां का गम है। मुझे कुछ भी दिखाई नही देता। बस दुनियां सारी हम तुम है। पता नही […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।