बस लिखता रहता हूँ…

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prabhat
मुझे नज़्म लिखनी कहाँ आती है, गीत,ग़ज़ल क्या होते हैं ये भी नहीं पता..
हाँ,ये पता है कि कुछ लिखता ज़रूर हूँ,
पर क्या लिखता हूँ…पता नहीं ?

ऐसा लगता है कि कभी-कभी अपने, ही फ़साने लिखता हूँ….
तो कभी करता हूँ चाँद की बातें,
आसमाँ वाले की नहीं,ज़मी वाले की..
कभी किसी ग़रीब की फ़रियाद लिखता हूँ…
तो कभी सफ़र की याद लिखता हूँ।

कभी किसी चेहरे पे पड़ी लटों की बात लिखता हूँ…
तो कभी आसमान पर छाए बादल की बात करता हूँ,
कभी लिखता हूँ किसी मासूम बच्चे की मुस्कराहट को..
तो कभी लिखता हूँ बंद परिंदे के उड़ने की चाहत को,
बस लिखता हूँ, लिखता हूँ और लिखता रहता हूँ….।

हाँ,कुछ लोग जरूर कहते हैं कि,
मैं अच्छा लिखता हूँ….
और अब उन्हीं से पूछूँगा कि,
मैं क्या लिखता हूँ….
                        #प्रभात पंचोली

परिचय : प्रभात पंचोली अग्रणी जनसंचार संस्थान में सृजनात्मक लेखक हैं। आप कविता,ग़ज़ल और कहानियां ही नहीं लिखते,बल्कि व्यंगात्मक साहित्य लिखने में भी ज्यादा रूचि रखते हैं।

matruadmin

8 thoughts on “बस लिखता रहता हूँ…

  1. सभी रचनाकारों की रचनाएं सराहनीय है

  2. आप एक बार सिर्फ एक सेकण्ड के लिए इन्हें देख ले एक पल मे इनकी नज़र अनगिनत और अनमोल नज़्म ,गज़ले,गीत कह जाती है। और जब लफ्ज़ खुलते है तो एक superb लेखक का अहसास होता है।

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।