अपना आज का भारत 

aashutosh mishra
यह भारतीय  देश  है ऐसा
जो अपने बेटों पर रोता है।
कुछ शहीद यहाँ तो बाकी
व्यक्ति भ्रष्टाचारी  होता हैं।।

भ्रष्टाचार बढ़ा यहाँ पर इतना
लोग कहते विकास न होने देंगे।
करना कार्य आदत नही हमारी
सरकारी अनुदान दौड़ के लेंगे।

लाइट लगेगी जो राहों पर
उसको भी हम ही चुराएंगे।
घर के सामने ग्राम समाज
को हम अपना बतलाएंगे।।

बड़े बड़े पदों पर भारत में
अब श्री टोटी चोर बैठते हैं।
जो खा खिला लैट्रिन गुर्गों को
भारत को दिन रात लूटते हैं।।

कभी कभी कोई सुपर एक्टिव
डिटेक्टिव कर दिया जाता है।
तत्पश्चात आतंकवादी अनेक
राष्ट्रीय   शहीद  कहलाता  है।।

कुछ ऐसे भी थे वीर यहां जो
खोज अनशन की कर गए।
भूख हड़ताल में भी कईयों के
वजन यहाँ पर बढ़ गए।।

भ्रष्टाचार से मन मेरा अब
यारों बहुत घबराता है।
हमेशा न सही कभी-कभी
मन मुझको बैमान कह जाता है।
        #आशुतोष मिश्र तीरथ 

matruadmin

Next Post

एक पिता हीं........

Mon Jun 18 , 2018
माना कि मां ममता की मूरत होती है, बेटियां भी लक्ष्मी की सूरत होती हैं, बेटे भी वंश के अंश कुल के गौरव होते हैं, वंश को अनंत तक ले वाले सौरभ होते हैं, लेकिन एक पिता मां का अरमान होता है, बेटे-बेटियों के लिए राम और रहमान होता है, […]

पसंदीदा साहित्य

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।