
जो उम्र के आखिरी पड़ाव में है
दुनिया से रुख़्सती की नाँव में है
उनपर ध्यान देना बहुत जरुरी है
उन्हें प्यार- सम्मान देना जरुरी है
उन्ही की वजह से है आज हम
उनमे क्षीणता है, पर हममे है दम
उनका अनुभव हमारे काम का है
हमारा काम उन्हें संभालने का है
पायते बैठकर उनकी सुनिए तो सही
क्या तकलीफ है जानिए तो सही
भाव का मरहम उनके ज़ख्म भर देगा
चेहरे की झुर्रियों में मुस्कुराहट भर देगा।
#श्रीगोपाल नारसन

