साबुन से सब धोइये,अपने दोनों हाथ | कोरोना से छूट जायेगा,तुम्हारा साथ || जनता कर्फ़यु लगाईये,आगामी रविवार | कम हो जायेगा तुम पर,कोरोना का वार || डॉक्टर्स,नर्स का करो तुम प्रगट आभार | ये लोग सदा करते ,तुम्हारा ही उपकार || बुजर्गो को मत भेजिए,घर से तुम बाहर | झेल […]

हँसता हुआ चेहरा, प्यारा लगता है। तेरा मुझे देखना, अच्छा लगता है। घायल कर देती है तेरी आँखे और मुस्कान। जिसके कारण पूरा दिन, सुहाना लगता है।। जिस दिन दिखे न तेरी एक झलक। तो मन उदास सा, हो जाता है। क्योंकि, आदि सा हो गया है, तुम्हे देखने को […]

मुझे विश्व में अब सभी पहचानते मेरे ही डर से सभी मुंह ढककर फिरते मैं छिपी थी चीन के यूहान में अवसर देख निकल आई दुनिया घूमने । सात बहनों से मैं सबसे छोटी हूँ जल, स्थल , आकाश तीनों लोको में घूमती लेकिन घर बसाती प्राणियों की फेफड़ों में […]

भयावह रोग कोरोना से मैं भी बुरी तरह डरा हुआ हूं। लेकिन भला कर भी क्या सकता हूं। क्या घर से निकले बगैर मेरा काम चल सकता है। क्या मैं बवंडर थमने तक घर पर आराम कर सकता हूं। जैसा समाज के स्रभांत लोग कर रहे हैं। जीविकोपार्जन की कश्मकश […]

अरे सुनती हो, जल्दी आओ मैं यह समोसे जिलेबिया लाया हूं और साथ में एक अच्छी खुशखबरी भी पत्नी दौड़ती आई बोली क्या खुशखबरी है बताओ न,, तुम जो इतने दिनों से परेशान थी निर्भया के हत्यारों को फांसी न मिलने से हां तो ,,, क्यों न हूं परेशान ,इतना […]

महामारी के इस संकट में धैर्य किसी को खोना नही बचकर रहे इस संक्रमण से लापरवाह बस होना नही बच्चे, बुजुर्ग घर पर ही रहे बेवजह घर से जाना नही भीड़ जहां हो वहां न जाएं अब लोगो से हाथ न मिलाये स्वनियंत्रण में हित है सबका कोरोना को पास […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।