‘शब्दांजलि’ में प्रो. रामदरश मिश्र का किया स्मरण

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मातृभाषा उन्नयन संस्थान व माता जीजा बाई कन्या महाविद्यालय ने किया संयुक्त आयोजन

इंदौर। मातृभाषा उन्नयन संस्थान व माता जीजाबाई शासकीय स्नातकोत्तर कन्या महाविद्यालय ने संयुक्त रूप से ‘शब्दांजलि’ आयोजित कर शताब्दी पुरुष पद्मश्री प्रो. रामदरश मिश्र जी को श्रद्धांजलि दी।
महाविद्यालय परिसर में आयोजित इस आयोजन में प्राचार्य डॉ. अशोक सचदेवा ने कहा कि “प्रो. मिश्र न केवल साहित्य जगत् अपितु समाज के लिए भी प्रेरणा स्त्रोत रहे, उन्होंने अपनी लेखनी से आम जनमानस को प्रभावित किया।”

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ ने प्रो. मिश्र पर बोलते हुए कहा कि “प्रो. मिश्र जीवन पर्यन्त एक साधक की भाँति अपनी लेखनी से जनजागरण करने वाले पूरी शताब्दी साहित्य जगत् को प्रेरित करते रहे और उनके अवदान को केंद्र सरकार ने पद्मश्री प्रदान कर मूल्यांकित किया, वे साहित्य के अन्वेषी साहित्यकार रहे हैं, निश्छल मन से सभी के प्रति प्रेम भाव रखने वाले प्रो. रामदरश मिश्र जी अक्षर देह के रूप में हमारे बीच सदैव रहेंगे।”

हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. प्रतिभा सोलंकी ने बताया कि “प्रेमचंद युगीन कथा परिदृश्य को अपने भीतर जीने वाले और कथा साहित्य में गाँव, परिवेश और परिवार को समाहित रखने वाले साहित्यकार रामदरश जी सदा अपनी लेखनी के माध्यम से धरा पर रहते हैं।”

इस मौके पर मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नितेश गुप्ता, प्रो. निर्मल चक्रधर इत्यादि ने भी संबोधित किया व कवि पारस बिरला ने प्रो. मिश्र पर अपनी रचना सुनाई।
चुनिंदा छात्राओं ने प्रो. मिश्र की रचनाओं का पाठ कर शब्द सुमन अर्पित किए। शब्दांजलि का संचालन वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. अरुणा कुसुमाकर ने किया। अंत में दो मिनट का मौन रखकर विद्यार्थियों ने श्रद्धांजलि दी।

आयोजन में डॉ. कमला गुप्ता, डॉ. ममता खपेडिया, लेफ्ट. डॉ. प्रमिला कबीर, डॉ. राकेश कवचे, मातृभाषा उन्नयन संस्थान की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य डॉ. नीना जोशी, डॉ. अखिलेश राव सहित सैंकड़ों विद्यार्थी मौजूद रहे।

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