
संस्मय प्रकाशन ने किया वर्ष 2026 में प्रकाशित
नई दिल्ली। भारत मण्डपम में आयोजित 53वें विश्व पुस्तक मेले में हॉल 2 में संस्मय प्रकाशन के स्टॉल R-36 पर मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ की पुस्तक काव्य पथ का गुजराती अनुवाद ‘કાવ્ય પથ’ का लोकार्पण राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के अध्यक्ष प्रो. मिलिंद मराठे ने किया। साथ में, सुप्रसिद्ध व्यंग्यकार सुभाष चंदर, डॉ. लालित्य ललित, प्रो. हरीश अरोड़ा एवं संस्मय की निदेशक भावना शर्मा मौजूद रहे।
पुस्तक का गुजराती अनुवाद अहमदाबाद निवासी रक्षित दवे ने किया है।
ज्ञात हो कि डॉ. अर्पण जैन की अब तक 15 से अधिक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं, जिन्हें हज़ारों पाठकों
ने पसंद किया है। डॉ. अर्पण जैन का मुख्य परिचय देशभर में ‘हिन्दीयोद्धा’ के रूप में है। वह देश-विदेश में हिन्दी भाषा के प्रचार के लिए जाने जाते हैं।
इस समय संस्मय प्रकाशन का स्टॉल लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। संस्मय प्रकाशन साहित्य जगत की सेवा के साथ-साथ हिंदी भाषा को आम जनमानस से जोड़ने के लिए भी निरंतर कार्य कर रहा है। संस्थान के प्रयासों से अब तक 35 लाख लोगों के हस्ताक्षर हिंदी में परिवर्तित किए जा चुके हैं।
53वें विश्व पुस्तक मेले में संस्मय प्रकाशन का यह आयोजन साहित्य और हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण पहल साबित हुआ।
