भारत मंडपम में विश्व पुस्तक मेला 2026 में सम्मिलित होगा संस्मय प्रकाशन

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इंदौर। नेशनल बुक ट्रस्ट द्वारा प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी भारत मण्डपम में 32वें विश्व पुस्तक मेले का आयोजन किया जा रहा है। शनिवार 10 जनवरी से रविवार 18 जनवरी 2026 तक भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित होने वाले इस मेले में मातृभाषा उन्नयन संस्थान के प्रकल्प संस्मय प्रकाशन द्वारा हिन्दी साहित्य सम्बंधित पुस्तकों का स्टॉल लगाया जा रहा है।

मालवा-निमाड़ अंचल से संस्मय प्रकाशन एकमात्र प्रकाशन है, जो विगत कई वर्षों से लगातार विश्व पुस्तक मेले में सहभाग करता आ रहा है।

संस्मय की संचालिका शिखा जैन एवं निदेशक भावना शर्मा ने बताया कि ‘मेले में हॉल 2 के स्टॉल आर-36 पर संस्मय की मौजूदगी रहेगी। इस मेले में प्रतिदिन लेखक से मिलिए, साक्षात्कर एवं सम्मान आयोजित होंगे। प्रकाशन से विविध विषयों पर किताबें प्रकाशित की गई हैं, जैसे अध्यात्म, राष्ट्रजागरण, धर्म, भाषा विमर्श, पत्रकारिता, कहानियाँ, कविताएँ, ग़ज़ल, बालसंस्कार, इत्यादि। संस्मय द्वारा अब तक लगभग सौ से अधिक पुस्तकों का प्रकाशन किया गया है। पुस्तक-प्रदर्शनी में हिन्दी भाषा के प्रचार सम्बंधित ग्रन्थ भी शामिल हैं। इस वर्ष प्रतिदिन स्टॉल पर एक लेखक की पुस्तक का लोकार्पण कार्यक्रम भी आयोजित होगा, साथ ही, पुस्तक चर्चा का आयोजन भी किया जाएगा।’

मेले का समय सुबह 11 से रात 8 तक तक होता है, जिसमें लाखों पुस्तक प्रेमी शामिल होते हैं। देशभर से पुस्तक प्रेमी विश्व पुस्तक मेले में आकर पुस्तकें ख़रीदते हैं।

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संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।