समय की गति को वह अपनी चाल से भाँप रहा था।सूनी सड़क पर वह अकेला ही था। इस सड़क से उसका प्रायः रोज आना-जाना होता है। पर आज के दिन सड़क को खाली पाकर वह कयास लगाने लगा था , ‘ आखिर में क्या बात है जो सड़क पर राहगीरों […]

आज २३ मार्च को हम बलिदान-शहीदी दिवस के रूप में मनाते हैं। इसलिए यह बहुत बड़ा दिन है। इस दिन भगतसिंह, राजगुरु और सुखदेव जब अपनी बैरकों से निकलते हैं तब यह गीत गुनगुनाते हैं। उन तीनों को सन्१९३१ में फांसी दी गई थी। १४ घंटे पहले ही उन्हें फांसी […]

जय हो जनता जनार्दन! जय हो हिंदुस्तान ! जनता कर्फ्यू का रखा,सबने पूरा मान। जय हो जनता जनार्दन! जय हो हिंदुस्तान! मोदी के आह्वान पर, कोरोना से जंग। जन जन के सहयोग से,कोरोना भी दंग।। दृढ़ प्रतिज्ञ हैं लोग सब,कोरोना अब जान। जय हो जनता जनार्दन! जय हो हिंदुस्तान!! घंटे […]

कोरोना के कहर ने कर दिया है बेहाल घर मे सब कैद है न आटा है न दाल गरीबो की भूख को अनदेखा करना नही यह फ़र्ज हम सबका है किसका चूल्हा जला नही सरकार हम सबसे है करिए उसको सहयोग कोरोना के खात्मे को अपनाइए सफाई योग जनता कर्फ्यू […]

सफल हुआ जनता कर्फ्यू कोरोना को भगाने में यादगार बन गया 22 मार्च रविवार । इतिहास रच गया जनता कर्फ्यू जंग लडने साथ खड़ा परिवार ।। थम-सी गई हैं जिंदगी की रफ्तार सूनी हुई गली , सडकें , बाजार । देश-विदेश,गांव-शहर में चहुंओर कोरोना ने मचाया है हाहाकार ।। पांच […]

धन्य तुम्हारा भारतवासी ,माटी सदा ऋणी रहेगी, संघर्ष समय में सहयोग तुम्हारा सदा गुढी रहेगी, घर में रह कर तुमने,निज कर्तव्यों का मान रखा, धन्य तुम्हारा हे जन,जो जन-गण-मन का मान रखा, माना सूरज डूब रहा,अँधियारा हमपे हावी है, लेकिन हिम्मत हो तो, एक चींटी हांथी पे भारी है, विकसित […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।