अमन के रिश्ते को छल डाला

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sandeep sahu

है नापाक  इरादे  तेरे,
                    यह करतूत तुम्हारी काली है,
हो नाजायज औलाद बगल की,
                        हरकत नामर्दों वाली है।
हिम्मत न थी लड़ पाने की,
                        काम घिनौना कर डाला,
सुना फरमान फांसी का बेटे को,
                        अमन के रिश्ते को छल डालाl
बिना कोर्ट और बिना पैरवी,
                         इसे निर्णय तू अपना बतलाता है,
कुत्तों की पूँछ नहीं हुई सीधी,
                           इतिहास तेरा यह दिखलाता है।
कहे `संदीप` आज इन,
                           गीदड़ों की औलादों से,
सेनापति बाजवा से और,
                          पाकिस्तानी आकाओं  सेl
तेरा अंजाम शीघ्र ही,
                         तुमको हम बतला देंगे,
बस इंतजार करो थोड़ा,
                         पूरा पाक कब्रिस्तान बना देंगे।
रुख बदलेगी सेना जिस दिन,
                          आवाज़ उठेगी झांसी में,
पूरा पाक हमारा होगा,
                           तिरंगा फहराएगा कराची में।
                                                                            #सन्दीप साहू ‘प्रोफेसर’
परिचय: सन्दीप साहू ‘प्रोफेसर’  उन्नाव(उत्तरप्रदेश) में रहते हैं और  इंटर कॉलेज में बतौर गणित अध्यापक कार्यरत हैंl  आपका जन्म १९९३ में हुआ हैl शिक्षा एमए तक हासिल की हैl 
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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।