आपकी इज्जत आपके हाथ

Read Time0Seconds

aashutosh mishra

मन बहुत व्यथित है। महिलाओं पर मैं अति शीघ्र नही लिखता। और न ही आज लिखना चाह रहा था।माताओं बहनों क्षमा करना।

मैं बहुत दिनों से इस समय महिलाओं को कुछ ऐसे विषय पर लिखते देख रहा हूँ। बहुत बुरा लगता है। लिखेंगी फलाना फलाना, धमाका,  यह हमारा अधिकार है,हम दबे हैं हमें बहिष्कृत किया जाता है । क्यों किया जाता है। देवियों के उदाहरण देती हैं। लज्जा को अब सम्भवतः यह भूल ही गई हैं। ऐसे ऐसे लेख लिखती हैं जिसे पढ़कर तो,,,,,,, और इन पोस्टों पर प्रतिक्रिया क्रिया की तो पूछो न। महिलाएं चाहे उस पोस्ट पर कम हों पर अधेड ठरकी युवाओं की ऐसी लाइन लगी रहती है। जैसे यह अधेड ही इनके पति हैं जो इनका दर्द समझते हैं तथा ठरकी युवा जैसे इनकी नन्द हों। और कुछ महिलाएँ ऐसे स्पीड से आती हैं कि पूरे पुरूष समाज में खलबली मच जाती है। और वह महिला उस महिला के लेख से भी बड़ी और गंदी प्रतिक्रिया देती है। जैसे ही वह प्रतिक्रिया ठरकियों को दिखती है बस वह महिला फेमस मित्र अनुरोधों की तो पूछो न। और पोस्ट करता महिला उनकी प्रतिक्रिया का जवाब पूर्णतया पति समझ कर दे देती हैं। रही बात यह लिखने की तो यह ये जानकर लिखती हैं। इस लेख को हम अंग्रेजी में न्यूड आर्टिकल भी कह सकते हैं। यह लेख यह मात्र प्रसिद्धि पाने के उद्देश्य से लिखी जाती हैं। अच्छी बात चाहे जितनी आप लिखो वह कोई नही पढेगा।
तरह तरह की फोटो डालेंगी। अब इनसे कोई पूछे कि क्या आपका जीवन बिना पुरूष के सम्भव है ? क्या आप पुरूष का मतलब जानती हो? क्या आप देवियों की बराबरी करोगी? क्या आप जानती हो आपको अछूत काहे कहा गया? जरा सा ज्वर आने पर तो नाटक बना लेती हो और तब कहती हो मुझे कार्य नही करने दिया जा रहा है!
आखिर कब तक यह नाटक करोगी? क्या लाभ है इससे?
यदि आप नंगापन ही उतारू हो तो निकाल फैंक दो साड़ी आपको कोई पहनाने नही आ रहा। पोछ दो यह सिंदूर क्योंकि यह तुम्हारे ऊपर शोभा नही देता।
तोड़ दो चूड़ियाँ। तोड़ दो यह सारे रिश्ते। और आजाद होकर नंगे के अपनी बेटी या जिसके साथ इच्छा हो घूमो कोई नही रोकेगा।
वह बच्चे जो कचडे में मिलते हैं वह तुम्हारे ही होते हैं। हमें सब पता है।
मैं एक बार फिर आपसे कहता हूँ कि एक बार मनन करके देखो क्या फायदा है ऐसे लेख से। कौन नही परिचय है इससे। कुछ बातें ऐसी होती हैं जो सिर्फ व्यक्ति विशेष को ही बताइ जाती हैं। उदाहरण जैसे आपको टीवी हैंं और आप कैंसर डाक्टर से दवाई लेने जाएं तो क्या होगा।
जो कुछ भी हो आपकी इज्जत आपके हाथ।

आशुतोष मिश्र तीरथ 
जनपद गोण्डा 

0 0

matruadmin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

सफलता की सीख सफल लोगों से

Wed Jul 18 , 2018
आज के दौर में सफल होने के लिए आप किसी पर भी निर्भर  नहीं रह सकते। आपको अपना करियर खुद डिजाइन करना होगा। इसके लिए यह पता होना जरूरी है कि किन खूबियों की बदौलत सफलता मिल सकती है। और यह जानने के लिए आपको दुनिया के कुछ सफल लोगों […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।