आज वैश्वीकरण और उदारीकरण की नीतियों के तहत उपभोक्तावाद का बुरा प्रभाव युवाओं को पड़ा है । लड़कियां चाहे या ना चाहे उन्हें एक न एक दिन इस बाजार का हिस्सा होना पड़ेगा। एक तरफ वे अपनी जम्हूरियत नागरिक एक कर्ता के रूप में समाजयात पहचान बनाने की लड़ाई लड़ […]
प्रेस-विज्ञप्ति – कलिंगा लिटररी फेस्टिवल – केएलएफ भाव संवाद में दिसंबर माह के आगामी सत्रों में होंगे प्रख्यात अर्थशास्त्री और लेखक मेघनाद देसाई, डॉ. बिबेक देबरॉय और चिंतक राम माधव। केएलएफ भाव संवाद बनेगा रेबेलियस लॉर्ड, ‘महाभारत सीरीज, बिकाउज इंडिया कम्स फर्स्ट, ‘द अवस्थीस ऑफ अम्नागिरी, रेबेल्स विद आ कॉज’ […]
