फूल बनकर मुस्कराना जिन्दगी है l मुस्कारे के गम भूलाना जिन्दगी है l मिलकर लोग खुश होते है तो क्या हुआ l बिना मिले दोस्ती निभाना भी जिन्दगी है l। जिंदगी जिंदा दिलो की आस होती है। मुर्दा दिल क्या खाक जीते है जिंदगी। मिलना बिछुड़ जाना तो लगा रहता […]
इंदौर। अन्तरराष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग, युनाइटेड ऑर्गनाइजेशन, चेक गणराज्य एवं मातृभाषा उन्नयन संस्थान के साझा प्रयासों से विश्व मानव अधिकार दिवस (10 दिसम्बर, 2020) के उपलक्ष्य में साहित्य-सेवियों की कविताओं को संरक्षित कर ‘मानव अधिकार संरक्षण परिशिष्ट’ तैयार किया गया। मातृभाषा.कॉम से जुड़े देश के विभिन्न राज्यों के साहित्यकारों ने […]
