न पीते गर तुम शराब,गांजा तो सोचो क्या होता, तुम्हारे बीबी,बच्चे कितने रहते खुश और क्या-क्या होता। तुम्हारे बच्चे अच्छे स्कूल में पढ़ते,नहीं कभी सिर नीचे होता, सभी के सामने पापा को लाने में नहीं कोई झिझकपन होता। खूब, हंसते-हंसाते,संग में अपने मम्मी-पापा के,और कितना मजा होता, तुम भी अपने […]

ये सावन क्या आया,बहार आती है, होता है खात्मा,भाई-बहिन के प्यार में जो तकरार आती है। रक्षा बंधन कैसे मनाएंगे,नए-नए तरीके खोजते हैं, न हो अगर पास तो,एक-दूसरे को उपहार भेजते हैं। देखते हैं राह एक-दूजे की आंखें बिछाए, करते हैं कमी महसूस,आंखों में नमी सजाए। ए सावन न कभी […]

आकर्षण किसी विशेष,उम्र का, मोहताज नहीं, ये वो बला है जो,सबके लिए होती खास नहीं। जंचता है अगर,नजरों में कोई उसे भूलना आसान नहीं, भले कोई किसी से,कुछ न भी कहे, पर,उसके जैसा कहीं कोई तलबगार नहीं। आकर्षण कहो तुम,या कहो सम्मोहन, है ये दोनों प्रेम के ही पूरक,जैसे राधा-मोहन॥ […]

प्रेम सहज है, प्रेम सरल है, प्रेम अचल है, प्रेम अटल है। प्रेम अतुल है, प्रेम मृदुल है, प्रेम मधुर है, प्रेम सुघर है। प्रेम शांत है, प्रेम क्लांत है, प्रेम वर्तमान है, प्रेम प्रसाद है। प्रेम अनुभूति है, प्रेम प्रतीति है, प्रेम कलाकृति है, प्रेम प्रकृति है। प्रेम है […]

खुशी अगर बाजार में बिकती, वो भी अमीरों की तिजोरी में बंद होती। न किसी गरीब को खुश रहने का अधिकार होता,न ही किसी अनाथ को। खुशी को भी धनवान लोग, अपने इशारे पर नचाते, और जब चाहे,जहाँ चाहे बुलाते। अमीर लोग कहकहों पर कहकहे लगाते, और गरीब मुस्कराने को […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।