दिनांक 17 फरवरी । राजस्थान लेखिका साहित्य संस्थान का 29 वां वार्षिक समारोह कनोडिया कॉलेज के तत्वाधान में 17 फरवरी को कॉलेज सभागार में प्रोफेसर डॉ०सुदेश बत्रा की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। सह सचिव रेनू शर्मा ने बताया कि इस सम्मान समारोह का शुभारंभ अक्षिणी भटनागर के सरस्वती वंदना गायन […]

मन के हारे हार है,मन के जीते जीत आज सुबह जैसे ही उठी पता नहीं क्यों लगा कि कुछ अप्रिय घटना होने वाली है।  मन डर गया पर मैंने कमर कस ली कि चाहे कुछ भी हो परिस्थितियों को अपने ऊपर हावी नहीं होने दूंगी।  दृढ़ निश्चय किया कि आज […]

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लोकतंत्र है देश का आधार बनो तुम इसके पहरेदार भारत की गरिमा छू ले तुमसे आकाश  किंतु अपने पथ से विचलित ना हो हो अपने कर्तव्य का भान राजस्थान में चुनावी रणभेरी बज चुकी है । 7 दिसम्बर को नई सरकार को चुनने के लिए हम सभी मतदान में आहुति […]

पंखुड़ियों सी कोमल होती हैं -बेटियां धरती पर पाक अवतार होती है -बेटियां मासूम सा प्यार होती है- बेटियां ठंडी हवाएं सा सुकून देती है-बेटियां  ओस सी पावन है -बेटियां इंद्रधनुषी रंगों की बौछार है- बेटियां घर का अभिमान है-बेटियां भोली सी मुस्कुराहट है-बेटियां मृदुहास  बाटती हैं -बेटियां मुस्कुराकर पीड़ा […]

माँ क्या हो तुम मेरे लिए पूछता है सारा जहां मुझसे सच कहूँ तो सारा जहाँ हो तुम मेरे लिए ममता की मूरत, दुनियां की भीड़ में मासूम-सी सूरत अपने को गलाकर तपते रेगिस्तान में शीतल छाँह-सी नदी सी बन प्यास बुझाती सारी इच्छाओं को तुम पूरी करती जाती माँ, […]

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प्रेम अव्यक्त एहसास है न मिटने वाला जज़्बात है ये महसूसता है अपनापन उसे शब्दों में बांध पाना संभव नहीं वह तो अनुभव का अहसास है उस छुअन का मखमली स्पर्श का जो असहनीय पीड़ा में भी राहत का मलहम है प्रेम वह मौन भाषा है जो प्रेमी ही पढ़ […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।