किसी भी राष्ट्र को संपन्न और शक्तिशाली बनाने के लिए सबसे जरुरी दो चीजें होती हैं। शिक्षा और चिकित्सा। हमारे नेताओं ने पिछले 70 साल में इन दोनों मामलों में जितनी लापरवाही दिखाई है, वह माफ करने लायक नहीं है। भाजपा की सरकार के पिछले चार साल भी पिछली सभी […]

नरेंद्र मोदी की नोटबंदी किस बुरी तरह फेल हुई है, इसका पता भारतीय रिजर्व बैंक की ताजा रपट से सारे देश को चल गया है। रिजर्व बैंक तो सरकार की ही संस्था है। वह कांग्रेस या विपक्ष का संगठन नहीं है। क्या उसकी राय को भी सरकार कूड़े की टोकरी […]

आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि भारत में कुल मिलाकर 2091 राजनीतिक पार्टियां हमारे चुनाव आयोग में पंजीकृत हैं। जिस देश में लगभग 2100 पार्टियां हों, उसका लोकतंत्र कितना सबल और संपन्न होगा, इसका आप अंदाज लगा सकते हैं। यदि कोई पार्टी है तो उसके कुछ सदस्य भी होंगे, उसके […]

कांग्रेस पार्टी देश की सबसे बड़ी विरोधी पार्टी है लेकिन उसके नेता कितने भौंदू सिद्ध हो रहे हैं ? उनके भौंदूपन ने सारी विरोधी पार्टियों की हवा निकाल दी है। कल तक कांग्रेस असम में नागरिकता के सवाल पर भाजपा सरकार की भर्त्सना कर रही थी। राहुल गांधी और ममता […]

राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्षा रेखा शर्मा ने बर्र के छत्ते में हाथ डाल दिया है। उनको सारे पादरी और बिशप कोस रहे हैं, क्योंकि उन्होंने ईसाइयों की सदियों पुरानी धार्मिक प्रथा- कुबूलना या आत्म-स्वीकृति या ‘कन्फेशंस’ पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। यह मांग उन्होंने सरकार से इसलिए […]

भारत का भद्रलोक अब ऐसा लगता है कि अंग्रेजी के पिंजरे के बाहर झांकने लगा है। जापान के साथ मिलकर भारत जो बुलेट ट्रेन बना रहा है, उसके कर्मचारी, अधिकारी और इंजीनियर अब जापानी भाषा सीखने में लगे हुए हैं। उन्हें प्रशिक्षण के लिए जापान जाना है और बाद में […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।