होली का त्योहार भारत में हिंदू ओ का प्रमुख त्योहार है, फागुन मास में पूर्णिमा के दिन होली जलाई जाती है और अगले दिन लोग गले शिकवे भूल कर गले मिलते हैं, एक दूसरे को गुलाल अबीर लगाते हैं, ओरते गुजिया और मिठाई बनाती है, फागुन मास में फूल खिलते […]
बेटी क्यो नही चाहिए? माँ चाहिए पत्नी चाहिए प्रेमिका चाहिए बहन चाहिए तो फिर बेटी क्यू नहीं चाहिए? बेटी अभिशाप नहीं वरदान है बेटी सृष्टि का मूल आधार है बेटी संस्कृति की संवहक हे बेटी सभ्यता की पालनहार हे बेटी ईश्वर की अनुकंपा है बेटी एक अनमोल धरोहर है बेटी […]
शास्त्रों में नारी तुम नारायणी बताया गया है, नारी के बिना ये श्रुस्टी चक्र चल नहीं सकता है, फिर भी नारी को कुरीतियों से जकड़ रखा है, लेकिन डॉ बाबा साहब अम्बेडकर ने महिला ओ को कानूनी अधिकार दिलाया है, नारी को पढ़ाई के लिए और स्वरक्षण के कानून बनाए […]
कवि: राजकुमार जैन ‘राजन’ समीक्षक: गुलाबचंद एन. पटेल बाल कविता संग्रह “पेड़ लगाओ” राजकुमार जैन ‘राजन’ की प्रकृति के प्रति प्रेम दिखाती है | पर्यावरण संरक्षण की सीख बाल कविता संग्रह से दिया गया है | बच्चे पेड़ लगाते है और उसमें पानी का सिंचन करते है, ऐसी हरे […]
मातृभाषा का मतलब है कि, माँ से सीखी और बोली जाती भाषा का नाम मातृभाषा है | बालक जन्म के बाद पहली बार जो भाषा बोलता है, वो भाषा अपनी माँ की और उसकी मातृभाषा है | माँ से ही वो मातृभाषा सीखता है | विश्व में ६००० से अधिक […]
स्वतंत्रता की चलाई आंधी नाम था उसका मोहन गाँधी जनता की उसने बनाई कुमक दांडी से उसने उठाया नमक कस्तूरबा से करवाया श्रम साबरमती मे बनाया आश्रम बचपन में चबाये चने इंग्लैंड जाकर बेरी स्टार बने स्वतंत्रता की ज्योति जलाई भारत देश को आज़ादी दिलाई अंग्रेज को दिखलाया डंडा […]
मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।
वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।