लाठी लिए,अपने पथ पर चले, धोती लपेटे,बस आगे बढ़े सादगी थी जिनकी पहचान, अपने-आप को किया जिसने, देश को कुर्बानl अंग्रेंजों का किया,भारत से सफाया, एक लाठी का असर,पूरे भारत में था छाया गोल-सा चश्मा पहने, अंग्रेजों को खदेड़ा जिसने `बापू` कहता है पूरा जग जिनको, आज़ादी दिलाई भारत को […]