हम एक हैं

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ऊपरवाला बनाता एक है
हम बन जाते अनेक हैं,
हम बनते अनेक हैं                                                                                                                                                                                  हमारा धर्म अनेक हैl

रंग का कोई धर्म नहीं होता,
पर हर धर्म का रंग होता हैl

भगवान बनाता है एक इंसान
इंसान बनाता है,अनेक भगवानl
भूल जाते हैं सब,
रोते हुए ही आते हैं सब
सोते हुए ही,जाते हैं सबl

एक सूर्य है,एक चाँद है,
एक पृथ्वी है,जिस पर रहता इंसान हैl

 

ऊपर वाले का,खेल भी नेक                                                                                                                                                                            बनाता है,इंसान को एक,                                                                                                                                                                                पर आते ही,सब बँट जाते हैं,                                                                                                                                                                          कोई हिन्दू,तो कोई मुस्लिम हो जाते हैंl

जबकि,
एक ही सूर्य की,रोशनी है मिलती
आसमान के सितारे हैं सभी को एक दिखती,
एक ही चाँद पर,सबने कदम रखा
एक पृथ्वी के मिट्टी का स्वाद ही,
सबने चखाl

फिर भी हम अलग हैं
हर राह पर,हमारा जात-धर्म है,
सबकी मंज़िल भी एक है
कि,अपनी मंज़िल पा जाऊंl

पर,
एक होते हुए भी
सब अनेक हैंll

                                                                                             खुशबू कुमारी

परिचय:खुशबू कुमारी की जन्मतिथि-२० जनवरी १९९६ और जन्म स्थान-मैथन(धनबाद) हैl वर्तमान में आपका निवास एरिया न. ३ में मैथन डैम(धनबाद) के पास हैl झारखंड राज्य से सम्बन्ध रखने वाली खुशबू कुमारी ने 
गणित विषय से स्नातक की पढ़ाई की हैl लिखना आपकी पसंद का काम हैl 

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।