सुहागन के सुहाग की रक्षा का महापर्व सुहागन के उपवास पर हर सुहाग करता गर्व भारतीय संस्कृति का यह अनूठा त्यौहार है एक दूसरे के प्रति बढ़ता इससे सद्व्यवहार है करवा चौथ के पर्व पर करो एक संकल्प क्रोध जीवन मे न रहे शांत स्वभाव विकल्प।#श्रीगोपाल नारसन
जल की एक एक बूंद कीमती बहुत है भाई इसको बचाने के लिए बार बार प्रयत्न हो भाई जल का व्यर्थ बहना कभी अच्छा नही होता दरिया को गन्दा करना कभी अच्छा नही होता जीवन के लिए जैसे प्राण वायु जरूरी है जीने के लिए वैसे ही जल भी बहुत […]
घर घर मे रावण पैदा हो गए किस किस को जलाओगे सत्ता छोड़ जो वन को जाए ऐसा राम कहां से लाओगे पहले अपने अंदर झांक लो कितने रावण मन मे बसे है पहले उन्ही रावणो को मार लो जो रावण तुम्हारे पास खड़े है काम,क्रोध,मोह,लोभ,सब अहंकार में लिपटे रावण […]
परमात्म यज्ञ भी प्रभावित हुआ आदमी ही आदमी से दूर हुआ ईश्वरीय विद्यालय में पढ़ाई नही परमात्म वाणी किसी ने सुनाई नही सत्संग को भी तरस गए है हम सेवा के लिए नही जा पा रहे हम जो मुरली में बताया वही हो रहा है आदमी ही आदमी को खो […]
नवरात्रि पर्व का शुभागमन घर घर लगाई जा रही सांझी कच्ची मिट्टी से तैयार करके दीवार पर सजाई जा रही सांझी चाँद ,तारे,सूरज भी सजे है शेर की सवारी कर रही सांझी नो दिनों तक शाम- सवेरे आरती में गाई जाएगी सांझी दुर्गा की शिल्पकला है सांझी भक्ति की लोकगाथा […]
कन्या पूजन की बेला आई घर घर मे नवरात्र है भाई भूखे रहकर साधना करेंगे देवी मां को खुश करेंगे दुर्गा सप्तशती रोज़ पढ़ेंगे हर दिन देवी को याद करेंगे कन्या प्रतिरूप है देवी का कन्या पूजन,पूजन देवी का भक्तों की कतार बड़ी है फिर भी कन्या संकट घड़ी है […]
मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।
वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।