
बस इश्क है तुझसे तुझसे सनम।
इसकी मुझको खबर, पर लगता है डर,
दूर हो न जाए ,मुझसे मुझसे सनम ।
बेताबियाँ दिल की बे खौफ करने लगी,
अब दूरियाँ दिल को खटकने लगी।
यही मेरा है हाल ,पर बताऊँ किसे,
तूने भी कभी न दिया मौका मुझे।
तेरे लिए ओ सनम जीने मरने लगी,
यादों न में तेरी सनम रातें कटने लगी।
मैं भी जीता हूँ तेरे लिए ओ सनम,
कर चुका हूँ नाम तेरे सातों जनम।
तू है मेरा सनम,मुझे लागी लगन,
बस इश्क है तुझसे तुझसे सनम।
#विपिन कुमार मौर्या

