*माँ*

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krishn

मातृ दिवस पर सभी माँओं के चरणों में समर्पित……..

माँ ही प्रथम पाठशाला है।
माँ ने दुःख सहकर पाला है।।

माँ संसार की अनुपम कृति है।
माँ प्यार भरी संस्कृति है।।

माँ नूर नहीं कोहिनूर है।
माँ प्रेम से भरपूर है।।

माँ खुदा का दूजा रूप है।
मां प्यार भरा एक कूप है

माँ ममता का एक सागर है।
माँ भक्ति का एक गागर है।

माँ के बिन सृष्टि अधूरी है।
माँ से सब इच्छा पूरी है।

माँ तन-मन और है सारा।
माँ पर जीवन ही अर्पण सारा।।

मां बच्चों की प्यास है।
माँ से सबको ही आस है।

माँ घुंघरू की झंकार है।
माँ वीणा की झंकार है।।

मां बंशी की मीठी तान है।
मां गुरुदेव का ज्ञान है।।

मां ईश्वर का वरदान है।
मां आन,बान और शान है।।

माँ फूलों का मकरंद है।
मां गीत,गजल और छंद है।।

मां जग की प्रेम कहानी है।
मां के बिन दुनिया वीरानी है।।

माँ की महिमा का अंत नहीं।
माँ उजड़ा हुआ बसंत नहीं।।

माँ मीरा जैसी भक्ति है।
मां दुर्गा जैसी शक्ति है।।

माँ गीता और कुरान है।
माँ वेद और पुराण है।।

मां गंगा का ही रूप है।
माँ सृष्टि का ही स्वरुप है।।

#कृष्ण कुमार सैनी”राज”,
दौसा,राजस्थान 

Arpan Jain

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।