*माँ*

krishn

मातृ दिवस पर सभी माँओं के चरणों में समर्पित……..

माँ ही प्रथम पाठशाला है।
माँ ने दुःख सहकर पाला है।।

माँ संसार की अनुपम कृति है।
माँ प्यार भरी संस्कृति है।।

माँ नूर नहीं कोहिनूर है।
माँ प्रेम से भरपूर है।।

माँ खुदा का दूजा रूप है।
मां प्यार भरा एक कूप है

माँ ममता का एक सागर है।
माँ भक्ति का एक गागर है।

माँ के बिन सृष्टि अधूरी है।
माँ से सब इच्छा पूरी है।

माँ तन-मन और है सारा।
माँ पर जीवन ही अर्पण सारा।।

मां बच्चों की प्यास है।
माँ से सबको ही आस है।

माँ घुंघरू की झंकार है।
माँ वीणा की झंकार है।।

मां बंशी की मीठी तान है।
मां गुरुदेव का ज्ञान है।।

मां ईश्वर का वरदान है।
मां आन,बान और शान है।।

माँ फूलों का मकरंद है।
मां गीत,गजल और छंद है।।

मां जग की प्रेम कहानी है।
मां के बिन दुनिया वीरानी है।।

माँ की महिमा का अंत नहीं।
माँ उजड़ा हुआ बसंत नहीं।।

माँ मीरा जैसी भक्ति है।
मां दुर्गा जैसी शक्ति है।।

माँ गीता और कुरान है।
माँ वेद और पुराण है।।

मां गंगा का ही रूप है।
माँ सृष्टि का ही स्वरुप है।।

#कृष्ण कुमार सैनी”राज”,
दौसा,राजस्थान 

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मेरी मां.......

Fri May 11 , 2018
एक से एक नया रिश्ता मेरे जीवन में आ जाएगा,, लेकिन मेरी मां की तरह, कोई प्यार कहां कर पाएगा, सपनो की वेदी पर मैने, खुद को बलि चढ़ाया है,, चदं पैसो की चाहत ने, मां का दामन छुड़वाया है,, मोह माया के चक्कर में, लगे समय व्यर्थ ही जाएगा,, […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।