दहशतगर्दी

kiran baranval
आये दिन दंगे की खबर सुन आत्मा कांप जाती है। हम किसके लिये  और क्यों आपस में  लड़ कट रहे हैं। काश कोई  मेरे सवाल का जवाब दे देता
ये कैसी दहशतगर्दी है यारों
फैला रहा कौन वैमनस्यता दिशा चारों
जात पात की चल रही क्यो लड़ाई
दुश्मन हो चला एक भाई का दूजा भाई
      राम हमारा रहीम तुम्हारा है
      क्यों नहीं समझते प्यारा देश ये हमारा है
      खून में नहीं है भिन्नता
       विचारों में  क्यों रखे हो विभिन्नता
ईश्वर अल्लाह के नाम पर क्यों लड़े जा रहे हो
मार काट कर क्यों  बेमौत मरे जा रहे हो
सबका है ये दुलारा चमन
पाले हो आपस में  बैर,भला आयेगा कैसे  अमन
   माँ कहो या अम्मी,भारत  हमारा है
   पूर्वजों ने खून की कीमत पर इन्हे संवारा है
आज़ादी के रण में ना जाने कितनों  ने गोली खाई है
जान की कीमत पर  हमें स्वतंत्रता दिलवाई है
   ना रहीम के ना राम के, रक्त बहाई हिन्दूस्तान के नाम के
   ना मुहर्रम मनाना था ना दिवाली मनानी थी
    ज़िद था उनका, बस हमें  आजादी पानी थी
उनके कुर्बानी को ना व्यर्थ करो
आपस में अल्लाह ईश्वर के नाम ना लडो।
#किरण बरनवाल

matruadmin

Next Post

व्यवहार

Fri May 11 , 2018
जो चाहते हो दुसरो से वही दीजिए आप हर कष्ट मिट जायेगा नही रहेगा कोई सन्ताप व्यवहार हमारा ऐसा हो लगे सभी को प्यारा मुंह से निकले मीठी वाणी मित्र हो जाए जग सारा उच्च चरित्र मिशाल बने हर कोई कद्रदान बने पावनता की प्रतिमूर्ति हो जीवन ईश्वरीय वरदान बने। […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।