शरारती आँखें….

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neha

शरारती आँखें,
कुछ कहती हैं..
तुझसे मेरी।

चल चलें,
गगन के पार
छोड़ धरा के..
नियम कानून।

बस हो तू
और मैं,
उस जहाँ कोई
और न हो।

बस हो
प्यार ही प्यार
शरारती आँखें….
 #नेहा लिम्बोदिया

परिचय : इंदौर निवासी नेहा लिम्बोदिया  की शिक्षा देवी अहिल्या विश्वविद्यालय से  पत्रकारिता में हुई है और ये शौक से लम्बे समय से लेखन में लगी हैं। कविताएँ लिखना इनका हुनर है,इसलिए जनवादी लेखक संघ से जुड़कर सचिव की जिम्मेदारी निभा रही हैं। इनकी अभिनय में विशेष रुचि है तो,थिएटर भी करती रहती हैं।

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