
आँखे थकती है
फिर भी जगती है
एक उम्मीद ही मेरे
साथ संघर्ष करती है
दुनिया केवल हर्ष में
हिस्सा मांगती है
उम्मीद ही केवल संघर्ष
मे साथ निभाती है
आंसू भी मुस्कान बनते
जब उम्मीद साथ रहती है
रुके कदम बढ़ जाते जब
उम्मीद की धारा बहती है
तानो को तारीफ में एक
उम्मीद ही बदलती है
सच में हर्ष में नहीं संघर्ष
में उम्मीद मेरे साथ रहती है
परिचय: आरती जैन राजस्थान राज्य के डूंगरपुर में रहती है। आपने अंग्रेजी साहित्य में एमए और बीएड भी किया हुआ है। लेखन का उद्देश्य सामाजिक बुराई दूर करना है।

