सरस्वती वंदना

mukesh bohara
हे शारदे मां,शारदे मां,
ज्ञान का भण्डार दे मां।
विमल वाणी विद्या वरणी,
हस्त पुस्तक माला धरणी।
श्वेत वस्त्र वंदिता मां,
बुद्धि का उपहार दे मां।
शारदे मां शारदे मां,
ज्ञान का भंडार दे मां।
ध्यान और विज्ञान दे मां,
सबको सन्मति ज्ञान दे मां।
सारे जग के जीवो को मां,
असीमित तू प्यार दे मां।
शारदे मां शारदे मां,
ज्ञान का भंडार है माँ।
आभा मंडल कर कमंडल,
कानों के माँ पावन कुंडल।
चित्त हरे छवि आपकी माँ,
हमको जीवन सार दे मां।
शारदे मां शारदे मां,
ज्ञान का भंडार दे माँ।
हम तो लोभी लालची माँ,
हम अभागे आलसी मां।
एक दृष्टि से हमें माँ,
इस भंवर से तार दे मां।
शारदे मां,शारदे मां,
ज्ञान का भण्डार दे माँ॥
            #मुकेश बोहरा ‘अमन’ 
परिचय : मुकेश बोहरा ‘अमन’ अधिकतर बाल रचनाएँ रचते हैं। आप पेशे से अध्यापक होकर बाड़मेर (राजस्थान) में बसे हुए हैं।

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मातृत्व

Tue Jan 23 , 2018
माँ तू ही एक ऐसी अनोखी कृति है, जिसकी अपने जैसा गढ़ना ही वृत्ति है। देती है संतान को जन्म मौत से लड़कर भी, बनाती है फिर उसको,अपने से बढ़कर भी। मां बनकर मातृत्व लुटाना,तेरे ही बस की बात है, दी है ईश्वर ने केवल तुझे,ये सौगात है। गोद में […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।