कभी गली का गुंडा हुआ करता था हरेराम । एक दिन नेताजी के कार्यक्रम में पूडी-सब्जी खाने के लिये चला गया और फिर उसी दिन से हरेराम नेताजी की पार्टी का कर्मठ कार्यकर्ता बन गया । अब हरेराम के गले में पार्टी का गमछा होता और माथे पर एक हाथ […]

अमर क्रांति का दिवस आया, अगस्त क्रांति का दिवस आया । इस पावन बेला में, साथी नवयुग लाने का प्रण करते हैं । मां भारती के चरणों में शीश चढ़ाने का प्रण करते हैं ।। नौ अगस्त है ऐतिहासिक क्रांति दिवस, अंग्रेजों भारत छोड़ो… मुंबई में क्रांतिवीरों ने हुंकार भरी […]

कल -कल ध्वनि मृदुल सुनातीं नदियाॅं । घर्र-घर्र कर बरसात में डरातीं नदियाॅं ।। इठलातीं / बलखातीं / इतरातीं नदियां ! मीलों सफर तय करतीं नदियां । ये कभी नहीं थकती नदियां ।। अमर कहानी कहतीं / कर्म निरंतर करतीं / गतिमय रहो सिखातीं नदियां ! सदा अविरल बहती रहतीं […]

करो नित योग, योग भगाये रोग, प्रकृति से तन-मन का नाता जुड़वाते योग । चित्त वृत्तियों को सत राह दिखाये- गांव-गली, शहर-शहर अलख जगे योग ।। मानव तेरे मिट जायेंगे सब भोग, योग दिवस मनाओ मिल सब लोग । भारत फिर से विश्व गुरु बन जायेगा- जीवन खुशहाल बनाता है […]

वो मजबूर हुआ, मजदूर बना… कंधों पर जीवन का बोझ पुस्तकों का बस्ता दूर हुआ । गुमनाम अंधेरे में, एक मुरझाया नन्हा सा फूल जिन हाथों में कॉपी- कलम होनी थी वे साफ कर रहे – ढाबे पर जूठें थाली, प्लेट, गिलास… जिसे ममता के आंचल में पलना था वो […]

सीने में जख्म लिए चेहरे पर मुस्कान, माथे पर पसीना करता नवनिर्माण । अपनों से दूर सपनों में खोकर गीत नया गाता भरपेट नहीं खा पाता । टूटता-बिखरता पर भय नहीं खाता वह सीधा-साधा जग मजदूर उसे कहता । वो आज भी रंक बना कितने राजा पैदा हुए पर उसने […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।