भाल चन्द्र छंद

chanchal
सुयोग  ध्यान साधना मिटा रहे हिये  विकार|
पवित्र भाव को लिये करो तु योग बार बार||
शरीर स्वस्थ स्वच्छ हो विवेक पूर्ण हो विचार|
सु दिव्य देह प्राण में सु ज्ञान देत है पसार||
भुजंग सूर्य आसनः सु शक्ति देह दे अपार|
सुताड वृक्ष उज्जयी कपाल भांति को सिआर||
सु भस्त्रिका सु भ्रामरी सु शीतली  सु उड्डियान|
हलासनः  शवासनः  मयूर  आसनः महान||
सु नेति धौति नौलि  बस्ति  त्राटकः  विशिष्ट जान|
सु मंत्र  ओम्  ओम्  से  समाय  ओज प्राण प्राण||
मिटाय   धर्म  भेद  भाव  ऊँच  नीच  जात  पात|
मनोविकार  त्याग  के  करो  तु योग साथ साथ||
#चंचल पाण्डेय ‘चरित्र’
परिचय: चंचल पाण्डेय ‘चरित्र’ की जन्मतिथि-५ अप्रैल १९८९ और जन्म स्थान-रूदपै है। निवास शहर-शंभूगंज (राज्य-बिहार)में है। आपने बी.ए. की शिक्षा हासिल की और गैर सरकारी शिक्षक हैं। आप काव्य लेखन करते हैं,जिसका उद्देश्य-हिन्दी का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करना है।

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सूखे पत्ते

Sat Jun 23 , 2018
वो सूखे पत्ते पलाश के । टूटे सितारे आकाश से । खोजते रहे जमीं अपनी , कल तक जो थे साथ से । क्यों तरसती रहीं निगाहें  , उजाले थे वो आभास के । क्यों टूटते रहे वो घरौंदे  , जो घरौंदे थे विस्वास के  । न रूठकर भी रूठे […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।