कैसे हटेंगें ?
कपट के गहने,
तन पे सजी
संस्कारों की वो मिट्टी
गीली है अभी तक॥
छल-फरेब
संविधान बदले
क्यों बंधी है ?
न्याय तुला की आंख
में पट्टी अभी तक ?
जातिवाद से
नफरत फैली है,
पूरे देश में
घृणा की राजनीति
छाई क्यों अभी तक ?
भूल गए क्यों,
भगत की कुर्बानी
दो सौ वर्षों की,
बेशर्म गुलामी तो
याद है अभी तक ?
खून के आंसू,
रोती है प्रतिभाएं
राजनीति में
वोट बैंक का छल
कपट अभी तक ?
जनगणना
जाति आधार न हो,
क्यों ना सिखाया
भारतीय लिखना
जाति में अभी तक ?
जब तलक
आरक्षण की नीति,
खत्म न होगी
द्वेष छल-कपट भी
रहेगा तभी तक॥
#कैलाशचंद्र सिंघल
परिचय: कैलाशचंद्र सिंघल का नाता मध्यप्रदेश से हैl आपकी जन्म तारीख- २० दिसम्बर १९५६ और जन्मस्थान-धामनोद(धार) हैl हायर सेकन्डरी तक शिक्षित श्री सिंघल का व्यवसाय(कॉटन ब्रोकर्स)हैl आप धामनोद में समाज की संस्थाओं से जुड़े हुए हैंl लेखन में आपकी विधा-हाइकु,तांका, गीत और पिरामिड हैl भोपाल से प्रकाशित समाचार-पत्र में कुछ रचनाएं प्रकाशित हुई हैं। पिछले 30 वर्ष से लेखन में मगन श्री सिंघल की खासियत यह है कि,कवि सम्मेलनों का सफल आयोजन करते हैं। आपके लेखन का उद्देश्य-स्वान्तः सुखाय और दिवंगत कवियों की रचनाओं को मंचों पर सस्वर उनके नाम से प्रस्तुत करना है,जिसका पारिश्रमिक नहीं लेते हैं।
Mon Jan 8 , 2018
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