नव वर्ष 

pushpendra
ऐसा नव वर्ष मनाएं क्यों,
ऐसी संस्कृति बनाएं क्यों ?
जब मदिरालय की मदहोशी का
मातम फैला रहता हो,
सोने की चिड़िया का यौवन
धुआं नशे में जकड़ा हो,
जब आधुनिकता में आकर
अश्लील तराने बजते हों,
जब तोड़ के सारी मर्यादा
 तन के श्रृंगार बरसते हों,
पश्चिम की धुन पे आकर के
अपना संगीत भुलायें क्यों…
ऐसा नव वर्ष मनाएं क्यों।
ऐसी संस्कृति बनाएं क्यों ?
इतिहास हमारा कहता न
संस्कृति हमारी कहती न,
ठिठुरी प्रकृति की भौगोलिक
कोहरामय सृष्टि कहती न,
मौसम विज्ञान भी कहता न
सामाजिक जीवन कहता न,
हिंदी के चैत को हाँ बोलो
अंग्रेजी नव वर्ष को बोलो न,
‘पूष’ की भीषण सर्दी में
जब रातें गहरी-गहरी हों,
गर अपने ईश्वर परमेश्वर का
गुरुओं का हम ध्यान करें,
गर अपने मंदिर जाकर के
पूजन-पाठ विधान करें,
पुत्र श्रवण गर न बन पाएं
तो भी इतना ध्यान करें,
धरती पर भगवान मिले
उनका पूरा सम्मान करें,
गर मात-पिता के चरणों की…
सेवा का नियम बनाओ तो,
तब ही सार्थक होगा।
ऐसा नव वर्ष मनाओ तो॥

                #पुष्पेन्द्र जैन ‘नैनधरा’

परिचय : पुष्पेन्द्र जैन ‘नैनधरा’ का  सागर(मध्यप्रदेश) के गोपालगंज में निवास है। आप यहीं पर टाइल्स- मार्बल और सेनेटरी का व्यवसाय करते हैं। साथ ही कविताएं और लेख लिखने का शौक भी रखते हैं। कविता लेखन में विशेष रुचि है। १००० से अधिक रचनाएं लिख चुके हैं,जो कई संचार माध्यमों से प्रकाशित भी हुई हैं।

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नववर्ष

Tue Jan 2 , 2018
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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।