हमने तेरी बातों पर…

0 0
Read Time2 Minute, 37 Second

manak lal

सपनों का संसार बसाया,
हमने तेरी बातों पर…
तुझको ही घरबार बनाया,
हमने तेरी बातों पर…l 
 
पर न जाने क्या तेरे मन में,
जो न आया तू जीवन में…
तुझको ही दरबार बनाया,
हमने तेरी बातों पर…l 
 
संग चलने के कसमे-वादे,
तेरे ऐसे-कैसे ये नेक इरादे…
तुझको ही सरकार बनाया,
हमने तेरी बातों पर…l 
 
सदियों तक जो साथ दिया है,
जो कहा वो सदा किया है…
पतझड़ से गुलजार बनाया,
हमने तेरी बातों पर…l 
 
उन्नत जो शिखर मिला है,
उसमें कुछ हमारा सिला है…
खुद को ही पतवार बनाया,
हमने तेरी बातों पर…l 
 
सुखमय जो है जीवन तुम्हारा,
उसमें कुछ तो है हवन हमारा…
वैभव का ये अम्बार लगाया,
हमने तेरी बातों पर…l 
 
हर लम्हा किया भरोसा,
तुमने तारीखों को परोसा…
अरमानों को कई बार दबाया,
हमने तेरी बातों पर…l 
 
दिल से तेरा साथ दिया है,
सब-कुछ हाथों-हाथ किया है…
तुझको इज्जतदार बनाया,
हमने तेरी बातों पर…l 
 
सत्ता का ये स्वाद न भूलो,
अपनों से ये संवाद न भूलो…
तुझको ही हर बार बनाया,
हमने तेरी बातों पर…l
 
वक़्त तो है संभलना सीखो,
`मनु` के ही संग चलना सीखो…
सब-कुछ जो इस बार लगाया,
हमने तेरी बातों पर…ll 
#मानक लाल ‘मनु’
परिचय : मानक लाल का साहित्यिक उपनाम-मनु है। आपकी जन्मतिथि-१५ मार्च १९८३ और जन्म स्थान-गाडरवारा शहर (मध्यप्रदेश) है। वर्तमान में आडेगाव कला में रहते हैं। गाडरवारा (नरसिंगपुर)के मनु की शिक्षा-एम.ए.(हिन्दी साहित्य-राजनीति) है। कार्यक्षेत्र-सहायक अध्यापक का है। सामाजिक क्षेत्र में आप सक्रिय रक्तदाता हैं। लेखन  विधा-कविता तथा ग़ज़ल है। स्थानीय  समाचार पत्रों में रचनाएं प्रकाशित होती रहती हैं। लेखन गतिविधियों के लिए कई सामाजिक-साहित्यिक संस्थाओं की सदस्यता ले रखी है। आपके लेखन का उद्देश्य-सामाजिक सरोकार,हिंदी की सेवा,जनजागरुक करना तथा राष्ट्र और साहित्यिक सेवा करना है। 

matruadmin

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

राजेश खन्ना को राजीव गांधी सियासत में लाए

Thu Dec 28 , 2017
(जन्मदिन 29 दिसम्बर पर विशेष) हिंदी सिनेमा के पहले महासितारा राजेश खन्ना अब हमारे बीच नहीं हैं,लेकिन अपने सशक्त अभिनय के ज़रिए उन्होंने कामयाबी की जो बुलंदियां हासिल कीं,वह हर किसी को नसीब नहीं हो पाती है। २९ दिसम्बर १९४२ को पंजाब के अमृतसर में जन्मे राजेश खन्ना का असली […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।