आओ विकसित देश बनाएँ,
‘दृष्टि दो हज़ार बीस’ अपनाएं।
सुंदर प्रकृति को हम बचाएं,
गीत खुशी के मिलकर गाएँ।
मरुस्थल के हम शूल हटाएँ,
श्रम कर हम अन्न उपजाएँ।
हरियाली चहुँओर फैलाएं,
रंग-बिरंगे सुमन खिलाएँ।
सागर को भी लांघ जाएं,
प्रगति पथ पर बढ़ते जाएं।
अपना हुनर भी दिखाएं,
विकसित हिंदुस्तान बनाएं।
देश में प्रौध्योगिकी बढ़ाएं,
और प्रक्षेपण यान बनाएँ।
तकनीकी हम ज्ञान सिखाएं,
मन से अंधविश्वास मिटाएँ।
निष्काम कर्म नित करते जाएँ,
अर्जुन-सा एक लक्ष्य बनाएँ।
अवसादों से कभीे न घबराएं,
आशाओं के फूल खिलाएं।
देशहित मिल कदम बढ़ाएं,
वन्दे मातरम गान सुनाएँ।
‘मिसाइलमैन’ के स्वप्न बताएं,
आओ विकसित देश बनाएँ॥
#राजेश कुमार शर्मा ‘पुरोहित’
परिचय: राजेश कुमार शर्मा ‘पुरोहित’ की जन्मतिथि-५ अगस्त १९७० तथा जन्म स्थान-ओसाव(जिला झालावाड़) है। आप राज्य राजस्थान के भवानीमंडी शहर में रहते हैं। हिन्दी में स्नातकोत्तर किया है और पेशे से शिक्षक(सूलिया)हैं। विधा-गद्य व पद्य दोनों ही है। प्रकाशन में काव्य संकलन आपके नाम है तो,करीब ५० से अधिक साहित्यिक संस्थाओं द्वारा आपको सम्मानित किया जा चुका है। अन्य उपलब्धियों में नशा मुक्ति,जीवदया, पशु कल्याण पखवाड़ों का आयोजन, शाकाहार का प्रचार करने के साथ ही सैकड़ों लोगों को नशामुक्त किया है। आपकी कलम का उद्देश्य-देशसेवा,समाज सुधार तथा सरकारी योजनाओं का प्रचार करना है।