नया घर

neena chibbar                                          
नया घर खाली है, 
आओ एहसासों से भर देंl                                      

गरमाहट से सराबोर हो बैठक,
अंतस की मिठास से महके
निशदिन अन्तःपुरl 
गमलों में उगाए, 
नन्हीं आंखों के रंगीन सपनेl 
छत पर सुखाए, 
सुख-दुख के छोटे-बड़े कपड़े।
खुले आसमान-सा रंग लिए, 
आंमत्रित है भोर के पाखीl 
नया घर खाली है,
आओ एहसासों से भर देंll 
                                                                  #डॉं.श्रीमती नीना छिब्बर 
परिचय :डॉं.श्रीमती नीना छिब्बर का जन्म-दिल्ली का और जन्मतिथि-७ अगस्त १९५५ हैl आपने एम.ए.(हिन्दी) सहित एम.ए.(अंग्रेजी) और पी.एच-डी.(हिन्दी) की शिक्षा हासिल की हैl व्याख्याता के रूप में आपका कार्यक्षेत्र राजकीय उच्च माध्यमिक विधालय गंगाणी (जोधपुर,राजस्थान)हैl वर्तमान निवास जोधपुर के चौपासनी ह्राउसिंग बोर्ड में हैl आपकी साहित्य यात्रा में  `आकांक्षा की ओर`(काव्य संग्रह) के साथ ही हिन्दी के मनोवैज्ञानिक उपन्यासों में असामान्य पात्र,`खिड़कियों में टंगे लोग`(लघुकथा संग्रह-सह लेखक) तथा ३ सहोदरी काव्य (सांझा संग्रह) आदि प्रकाशन शामिल हैंl सम-सामयिक और सामाजिक विषयों पर अनेक दैनिक-पाक्षिक समाचार पत्रों में दर्जनों आलेख प्रकाशित हो चुके हैंl विभिन्न संगोष्ठियों में पत्र-वाचन एवं संयोजन में भी आप कुशलता दिखा चुकी हैंl डॉं.छिब्बर सामाजिक सहभागिता के रूप में जोधपुर में कुछ साहित्यिक संस्थाओं से संरक्षक और पदाधिकारी के नाते जुड़कर सक्रिय हैंl  

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संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।