मुस्कुराहट का इंतज़ार

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prabhat
मेरे सामने की दीवार पर एक पुराना-सा चित्र टंगा हुआ है… जिसमें प्रकृति के नज़ारे हैं,
और एक नदी बहती-सी प्रतीत होती है…
वहीँ पास में कुछ घर भी दिखाई देते हैं,
और वे भी मुस्कुरा रहे हैं…
सब कुछ देखने पर मुस्कुराता ही नज़र आता है,
पर कोई है जो मेरी आँखों में खटक रहा है…
एक चेहरा है जो इन हसीं वादियों के बीच भी खुश नहीं है…
खुश क्यों नहीं है,ये तो पता नहीं,
पर उसकी मासूम आँखों में इंतज़ार नज़र आता है…
इंतज़ार शायद किसी अपने का,
इंतज़ार शायद किसी अनछुए सपने का….
इंतज़ार शायद उसका हो,
जो दूर होकर भी दूर नहीं है…
इंतज़ार उसका भी हो सकता है,
जो हर वक्त सांसों में रहता है…
पता नहीं,उसका इंतज़ार कब ख़त्म होगा,
और कब उसके चेहरे पर मुस्कुराहट आएगी…
इंतज़ार तो मुझे भी है…पर,
मेरा इंतज़ार उसके इंतज़ार के बाद ही ख़त्म होगा…
क्योंकि,मुझे इंतज़ार है उसकी मुस्कुराहट देखने का…
बस देख रहा हूँ कि,मेरा इंतज़ार कब मुक़म्मल होगा…l

                                                              #प्रभात पंचोली

परिचय : प्रभात पंचोली अग्रणी जनसंचार संस्थान में सृजनात्मक लेखक हैं। आप कविता,ग़ज़ल और कहानियां ही नहीं लिखते,बल्कि व्यंगात्मक साहित्य लिखने में भी ज्यादा रूचि रखते हैं।

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मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।